बिहार: समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर थाने में फंदे से लटका मिला ASI का शव, इलाके में सनसनी बिहार एक महीने पहले 52
बिहार के समस्तीपुर में मोहिउद्दीननगर थाना परिसर के भीतर एक सहायक अवर निरीक्षक ने फांसी लगा ली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचकर बारीकी से जांच कर रहे हैं।

थाना परिसर में मिला शव

बिहार के समस्तीपुर जिले से एक बेहद दुखद मामला प्रकाश में आया है। यहां के मोहिउद्दीननगर थाना परिसर में तैनात डायल-112 के सहायक अवर निरीक्षक बबलू कुमार प्रसाद का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। उनका शव थाना भवन की तीसरी मंजिल पर बने एक खाली कमरे में फंदे से लटका हुआ बरामद हुआ। यह घटना शनिवार सुबह सामने आई जब थाना परिसर के अन्य पुलिसकर्मियों ने शव को देखा। इस घटना के बाद से पूरे थाने और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में अफरातफरी का माहौल बन गया और तत्काल वरीय अधिकारियों को घटना के बारे में अवगत कराया गया।

उच्च अधिकारियों की निगरानी में जांच

इस घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद पटोरी के SDPO वीरेंद्र कुमार मेधावी और सर्किल इंस्पेक्टर पवन कुमार दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया है। मृतक बबलू कुमार प्रसाद मूल रूप से पश्चिम चंपारण जिले के बगहा के निवासी थे। वे समस्तीपुर में अकेले ही रहकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे, जबकि उनका परिवार बगहा में निवास करता है। वे पिछले करीब ढाई वर्षों से मोहिउद्दीननगर थाने में अपनी सेवाएं दे रहे थे। हाल ही में उनका स्थानांतरण कल्याणपुर थाने की डायल-112 टीम में कर दिया गया था, हालांकि उन्होंने अभी वहां अपनी नई जिम्मेदारी संभाली नहीं थी।

मानसिक तनाव और पुलिस की कार्यशैली

समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह मामला मानसिक तनाव यानी डिप्रेशन से जुड़ा हुआ लग रहा है। साथियों से मिली जानकारी के अनुसार, बबलू कुमार स्वभाव से काफी शांत थे और अक्सर ड्यूटी के बाद अपने कमरे में ही समय व्यतीत करते थे। वे अन्य सहकर्मियों से भी बहुत कम बातचीत किया करते थे। हाल ही में वे छुट्टी बिताकर अपने घर से वापस लौटे थे। पुलिस ने उनके बेटे से भी संपर्क किया है, लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार के पारिवारिक कलह या विवाद की जानकारी सामने नहीं आई है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी स्थिति

पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। डीआईजी मनोज कुमार तिवारी ने भी स्वयं घटनास्थल का मुआयना किया है और जांच प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। इस मामले में थाने के सभी कर्मियों से पूछताछ की जा रही है और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस अब हर संभावित पहलू, जिसमें आत्महत्या और मानसिक दबाव शामिल है, पर ध्यान केंद्रित कर रही है। मौत की असली वजह का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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