दिल्ली के कनॉट प्लेस में प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा रुख, तुरंत रोक लगाने से किया इनकार भारत एक घंटा पहले 8
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के कनॉट प्लेस में आयोजित होने वाले विरोध प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग को ठुकरा दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह हालात पर नजर बनाए हुए है और व्यापारियों के हितों का भी ध्यान रखेगा।

कनॉट प्लेस प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

दिल्ली के कनॉट प्लेस में आयोजित होने वाले प्रस्तावित प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने कोई भी अंतरिम रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है। शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष इस मामले को जल्द सुनवाई के लिए रखा गया था। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने उम्मीद जताई कि सभी संबंधित पक्ष जिम्मेदारी और समझदारी का परिचय देंगे। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि कनॉट प्लेस में छोटी दुकानें चलाने वाले दुकानदार अपनी आजीविका के लिए इन दिनों पर निर्भर हैं, और ऐसे में किसी भी प्रकार के व्यवधान से पूरे परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट और परेशानियां खड़ी हो सकती हैं।

कानून व्यवस्था और व्यापारियों का संतुलन

जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि एक तरफ प्रदर्शन का अधिकार है, तो दूसरी तरफ मूंगफली बेचने जैसे छोटे व्यवसायों का अस्तित्व और कानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है। ये सभी पहलू एक दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि इन विरोध प्रदर्शनों के कारण व्यापारिक गतिविधियों को नुकसान पहुंचता है, तो सुप्रीम कोर्ट अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए हस्तक्षेप करेगा। फिलहाल, अदालत स्थिति पर नजर रखेगी और देखेगी कि जमीनी स्तर पर हालात कैसे विकसित होते हैं।

सेंट्रल पार्क बंदी पर कोर्ट का रुख

सुनवाई के दौरान वकील ने नई दिल्ली नगर पालिका परिषद यानी NDMC द्वारा सेंट्रल पार्क को बंद करने के निर्णय का मुद्दा उठाया। वकील ने दलील दी कि बीती रात जारी हुए इस आदेश के चलते वहां व्यावसायिक गतिविधियां पूरी तरह से ठप हो जाएंगी। इस पर जस्टिस बागची ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम जरूरत से ज्यादा और अनुचित पाया जाता है, तो न्यायालय के पास कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई करने और प्रभावितों को हुए नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करने के पर्याप्त अधिकार मौजूद हैं।

राहुल गांधी से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की तारीख तय

सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ दायर एक अन्य मामले में भी सुनवाई की समय सीमा तय कर दी है। यह मामला एक महिला पत्रकार द्वारा मार्च महीने में राहुल गांधी पर धक्का देने के आरोपों से जुड़ा है। बीजेपी नेता और वकील गौरव भाटिया ने मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष इस विषय को उठाया और सुनवाई की तारीख निश्चित करने का आग्रह किया। मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि पूर्व में रखी गई याचिकाओं पर कोर्ट पहले ही नोटिस जारी कर चुका है। अब इस विशेष मामले पर 26 अक्टूबर को सुनवाई की जाएगी।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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