एक रहस्यमयी फोन कॉल और पलट गई डॉक्टर की पूरी दुनिया, IMDb पर 7.6 रेटिंग वाली राजीव खंडेलवाल की 'आमिर' है सस्पेंस का तूफान मनोरंजन 4 घंटे पहले 2
टीवी से बॉलीवुड में कदम रखने वाले राजीव खंडेलवाल की डेब्यू फिल्म 'आमिर' एक डॉक्टर की कहानी है, जिसकी जिंदगी एक फोन कॉल के बाद पूरी तरह उलट-पुलट हो जाती है। IMDb पर 7.6 रेटिंग पाने वाली यह सस्पेंस-थ्रिलर आज भी दर्शकों की पसंदीदा बनी हुई है।

टीवी के पर्दे के सुपरस्टार, चॉकलेटी बॉय और दर्शकों के दिलों की धड़कन माने जाने वाले राजीव खंडेलवाल ने अपनी अदाकारी से हमेशा एक अलग छाप छोड़ी है। साल 2000 की शुरुआत में ही उन्होंने छोटे पर्दे पर अपनी पकड़ बना ली और सुजल के किरदार ने उन्हें घर-घर में पहचान दिला दी। लेकिन साल 2007 में इस सितारे ने अपने करियर को एक नया मोड़ देने का फैसला किया। टीवी से अलग हटकर कुछ नया करने की चाह में उन्होंने इसी साल बॉलीवुड की दुनिया में कदम रखा। राजीव ने 'आमिर' फिल्म से अपनी पारी की शुरुआत की। इस सस्पेंस-थ्रिलर की कहानी इतनी दमदार थी कि दर्शकों ने इसे हाथों-हाथ लिया। यह फिल्म आज भी कई लोगों की वॉच लिस्ट का हिस्सा बनी रहती है। आइए जानते हैं इस फिल्म की कहानी और इसके किरदारों के बारे में।

क्या है फिल्म की कहानी

1 घंटे 39 मिनट की यह फिल्म डॉक्टर आमिर अली के इर्द-गिर्द बुनी गई है। भारतीय मूल का आमिर जैसे ही लंदन से मुंबई वापस लौटता है, उसके खिलाफ एक साजिश रच दी जाती है और उसे जबरन आतंकी गतिविधियों का हिस्सा बनने के लिए मजबूर किया जाता है। कहानी की शुरुआत आमिर के परिवार से होती है, जिसमें उसके पिता, मां, तीन बहनें और एक भाई शामिल हैं। यह पूरा परिवार एक मध्यमवर्गीय जिंदगी जी रहा होता है। इसी बीच पिता का निधन हो जाता है और उन्हें अंतिम विदाई देने के बाद आमिर ब्रिटेन चला जाता है, वहां पढ़ाई करता है और मेडिकल की डिग्री हासिल कर वापस लौटता है।

वतन वापसी पर एयरपोर्ट पर ही एक कस्टम अधिकारी उसे परेशान करता है और कई बार उसकी तलाशी लेता है। तलाशी के बाद उसे जाने तो दिया जाता है, लेकिन बाहर निकलते ही उसे बाइक पर सवार दो लोग मिलते हैं, जो उसे एक फोन थमा देते हैं। फोन हाथ में आते ही कहानी में बड़ा ट्विस्ट आ जाता है।

यहीं से आमिर की जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है। वह डोंगरी और भिंडी बाजार की गलियों में भटकता है, जहां उसे एक लाल सूटकेस सौंपा जाता है। फोन के जरिए उसे लगातार एक जगह से दूसरी जगह जाने के निर्देश मिलते रहते हैं। उससे साफ कह दिया जाता है कि अगर उसने आदेश नहीं माने तो उसके परिवार को मार दिया जाएगा। इसी डर के चलते वह सब कुछ मानने को राजी हो जाता है। लेकिन बताए गए ठिकाने पर पहुंचने से पहले ही वह बैग चोरी हो जाता है। अब बड़ा सवाल यह है कि आमिर आगे क्या करेगा, अपने परिवार को कैसे बचाएगा और गायब हुए सूटकेस को कैसे ढूंढेगा। इन सब सवालों के जवाब जानने के लिए आपको यह फिल्म देखनी होगी।

IMDb रेटिंग और कहां देखें यह फिल्म

राजीव खंडेलवाल की 'आमिर' को IMDb पर शानदार 7.6 की रेटिंग मिली है। आलोचकों ने भी इस फिल्म की जमकर तारीफ की थी। यहां तक कहा जाता है कि यह राजीव खंडेलवाल के करियर की सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस वाली फिल्म है। अपनी दमदार अदाकारी से उन्होंने इस फिल्म में जान फूंक दी थी। साल 2008 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई यह फिल्म अब ओटीटी पर उपलब्ध है। 16 साल पुरानी यह फिल्म अमेजन एमएक्स प्लेयर पर मौजूद है और आपके वीकेंड को मनोरंजन से भरपूर बना सकती है।

फिल्म की कास्ट और निर्देशक

इस फिल्म का निर्देशन और लेखन दोनों ही राज कुमार गुप्ता ने किया था। फिल्म में राजीव खंडेलवाल मुख्य भूमिका में नजर आए, जहां उन्होंने डॉ. आमिर अली का किरदार निभाया। इनके अलावा मुकेश अग्रहरी वेटर के रोल में दिखे, जबकि ऐश्वर्या भास्करण ने फलक का किरदार निभाया। वासन बाला फिल्म में मैसेंजर के रूप में नजर आए और रोहतास गौड़ ने कस्टम ऑफिसर की भूमिका निभाई। सुपवित्रा बाबुल प्लेन में सवार पैसेंजर के रोल में दिखीं, वहीं गजराज राव ने सेलफोन के दूसरी ओर बैठे शख्स का किरदार निभाया।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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