हिमकेयर योजना के नियमों में बदलाव, सुक्खू सरकार के फैसले से 1.11 लाख कार्डधारकों को झटका हिमाचल प्रदेश 3 महीने पहले 46
हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार ने हिमकेयर योजना के नियमों में संशोधन कर दिया है, जिससे अब कई अस्पताल खर्च क्लेम के दायरे से बाहर हो गए हैं। योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता था और प्रदेश में फिलहाल 1,11,549 कार्डधारक हैं।

हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार ने हिमकेयर कार्ड धारकों को बड़ा झटका दिया है। सरकार ने इस योजना के नियमों में संशोधन कर दिया है, जिसके बाद अब योजना के तहत मिलने वाले कई लाभ लाभार्थियों को नहीं मिल पाएंगे। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने 30 मई को स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना पर चर्चा की थी और इसके बाद संशोधन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई। हालांकि, सरकार ने हिमकेयर योजना के तहत लंबित भुगतान चुकाने के लिए 100 करोड़ रुपये भी जारी किए हैं।

अब किन खर्चों पर नहीं मिलेगा क्लेम

नई अधिसूचना के अनुसार सरकारी अस्पताल में रजिस्ट्रेशन फीस, सामान्य वार्ड के बेड शुल्क, नर्सिंग एवं बोर्डिंग शुल्क, सर्जन, एनेस्थेटिस्ट तथा चिकित्सकों की फीस, एनेस्थीसिया, रक्त चढ़ाने, ऑक्सीजन, ऑपरेशन थियेटर शुल्क, सर्जिकल उपकरणों की लागत, दवाएं, एक्सरे, एमआरआई, सीटी स्कैन के साथ-साथ पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी जांच का खर्च अब क्लेम में शामिल नहीं किया जाएगा। इसके अलावा खाने और इलाज से जुड़ी अन्य सामग्री पर भी क्लेम नहीं मिलेगा। सरकार का तर्क है कि इन चीजों पर होने वाला खर्च पहले से ही सरकार वहन कर रही है। यह अधिसूचना स्वास्थ्य विभाग की सचिव एम सुधा देवी की ओर से जारी की गई है।

नए कार्ड और नवीनीकरण की व्यवस्था

सुक्खू सरकार ने हिमकेयर योजना में नए कार्ड बनाने और पुराने कार्डों के नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल 30 जून तक खोला है। नई व्यवस्था के तहत अब हिमकेयर कार्ड का पंजीकरण और नवीनीकरण केवल मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर महीनों में ही किया जाएगा।

प्रदेश में कितने कार्डधारक

वर्ष 2025 में अब तक प्रदेश में 1,11,549 हिमकेयर कार्डधारक हैं। इनमें सबसे अधिक 24,428 कार्डधारक कांगड़ा जिले में हैं, जबकि लाहुल-स्पीति में सबसे कम 431 लाभार्थी दर्ज किए गए हैं।

क्या है हिमकेयर योजना

हिमाचल प्रदेश में भाजपा सरकार ने हिमकेयर योजना लागू की थी, जिसमें 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज का प्रावधान है। इस योजना से आम लोगों को काफी फायदा मिल रहा था। हालांकि, सुक्खू सरकार ने इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया था और करोड़ों रुपये का भुगतान अब भी पेंडिंग है।

घोटाले के आरोप

मुख्यमंत्री सुक्खू ने आरोप लगाया है कि इस योजना में करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ है और यहां तक कि पुरुषों के भी बच्चेदानी के ऑपरेशन दिखा दिए गए। सीएम ने 100 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार अब इसकी जांच करवा रही है।

कौन बनवा सकता है कार्ड

हिमकेयर योजना में वे लोग शामिल नहीं हैं जिनके पास आयुष्मान भारत योजना का कार्ड है। योजना का लाभ लेने के लिए हिमाचल का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। बीपीएल परिवार, मनरेगा श्रमिक, पंजीकृत रेहड़ी-फड़ी विक्रेता, अनाथ बच्चे, एकल नारी, 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग, मिड-डे मील कार्यकर्ता, आउटसोर्स, अनुबंध, दैनिक वेतनभोगी और अंशकालिक कर्मचारी जैसी विशेष श्रेणियों के लोग इसमें शामिल हो सकते हैं। योजना के तहत लाभार्थी को निर्धारित प्रीमियम देना होता है और यह राशि साल में एक बार जमा करनी होती है।

चिकित्सा उपकरणों पर 3,000 करोड़ खर्च

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को उनके घर के निकट बेहतर और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी दृष्टि से पिछले साढ़े तीन वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में कई सुधार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद पर 3,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य के अस्पतालों में विश्वस्तरीय तकनीक उपलब्ध करवाकर मरीजों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करना है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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