उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विमानन ईंधन की आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव का असर अब भारत से संचालित होने वाली उड़ानों पर भी साफ दिखने लगा है। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और इससे जुड़ी ईंधन संबंधी अड़चनों ने एयरलाइन कंपनियों की परिचालन लागत को बढ़ा दिया है, जिसका सीधा प्रभाव लखनऊ से जुड़े अंतरराष्ट्रीय रूटों पर पड़ रहा है।
5 जून से बंद होगी लखनऊ-बैंकॉक उड़ान
ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के चलते पैदा हुए ईंधन संकट के कारण थाई एयर एशिया ने बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने तय किया है कि लखनऊ से बैंकॉक के लिए संचालित होने वाली उसकी सीधी उड़ान 5 जून से बंद कर दी जाएगी। बढ़ती परिचालन लागत के बीच कई अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
पहले ही ठप हो चुकी कुआलालंपुर सेवा
यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले पिछले महीने लखनऊ से कुआलालंपुर (मलेशिया) के लिए संचालित एयर एशिया की डायरेक्ट फ्लाइट भी बंद की जा चुकी है। एयरलाइन कंपनियों का कहना है कि बढ़ती परिचालन लागत और ईंधन की उपलब्धता से जुड़ी चुनौतियों के चलते कुछ अंतरराष्ट्रीय रूटों पर सेवाएं अस्थायी तौर पर रोकनी पड़ रही हैं।
यात्रियों पर बढ़ेगा बोझ
लखनऊ एयरपोर्ट से बैंकॉक और कुआलालंपुर के लिए सीधी उड़ानें बड़ी संख्या में यात्रियों, पर्यटकों और कारोबारी यात्राओं के लिहाज से बेहद अहम मानी जाती रही हैं। इन सेवाओं के बंद होने के बाद अब यात्रियों को दूसरे शहरों के रास्ते कनेक्टिंग फ्लाइट का सहारा लेना पड़ सकता है, जिससे सफर का समय और खर्च दोनों बढ़ने की आशंका है।
आगे और उड़ानों पर असर की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां जल्द सामान्य नहीं हुईं तो इसका असर अन्य उड़ान सेवाओं पर भी पड़ सकता है। फिलहाल एयरलाइंस हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और परिस्थितियों के मुताबिक आगे का फैसला लिया जाएगा।
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