इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि में बड़ा बदलाव, अब 18 से 20 साल की युवतियों को नहीं मिलेंगे 1500 रुपये हिमाचल प्रदेश 58 मिनट पहले 1
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने 1500-1500 रुपये की योजना के नियमों में फिर फेरबदल कर 18 से 20 साल की महिलाओं को इसके दायरे से बाहर कर दिया है। अब यह राशि 21 से 59 वर्ष की महिलाओं को ही कुछ शर्तों के साथ मिलेगी।

हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार ने महिलाओं को हर महीने 1500-1500 रुपये देने वाली इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना में एक बार फिर बड़ा बदलाव किया है। संशोधित अधिसूचना के मुताबिक अब 18 से 20 साल की महिलाओं को इस योजना के दायरे से बाहर कर दिया गया है। यानी इस आयु वर्ग में आने वाली युवतियों को अब हर महीने 1500 रुपये नहीं मिलेंगे और यह राशि केवल 21 से 59 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं को ही शर्तों के साथ दी जाएगी।

प्रदेश में कांग्रेस सरकार को सत्ता में आए करीब साढ़े तीन साल का समय बीत चुका है, लेकिन यह योजना अब तक पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर सकी है। बताया जा रहा है कि बढ़ते वित्तीय बोझ और वास्तविक जरूरतमंद महिलाओं तक लाभ पहुंचाने के मकसद से यह फैसला लिया गया है।

क्या थी मूल घोषणा

विधानसभा चुनाव के दौरान सरकार ने प्रदेश की 18 से 59 साल की सभी महिलाओं को 1500-1500 रुपये देने का ऐलान किया था। हालांकि बाद में सरकार ने कई बार योजना के नियमों में बदलाव किया और अब तक केवल चंद महिलाओं तक ही यह राशि पहुंच पाई है।

अब क्या हैं नई शर्तें

नई शर्तों के अनुसार यदि किसी महिला की आय दो लाख रुपये से अधिक है तो उसे 1500 रुपये नहीं मिलेंगे। नए आवेदनों में आय और बीपीएल से संबंधित अलग कॉलम जोड़े जाएंगे। इससे पहले वर्ष 2024 में सरकार ने एक परिवार से केवल एक ही महिला को यह राशि देने का फैसला लिया था। योजना का लाभ सिर्फ हिमाचल की महिलाओं को ही मिलेगा।

एक अहम बात यह भी है कि सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी के परिवार की महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।

ये महिलाएं भी योजना से बाहर

अनुबंध, आउटसोर्स, दैनिक वेतनभोगी और अंशकालिक कर्मचारियों के साथ-साथ सेवारत व भूतपूर्व सैनिकों के परिवार की महिलाएं भी इस सूची में शामिल हैं। इनके अलावा सैनिक विधवाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं, आशा वर्कर, मिड-डे मील वर्कर तथा मल्टी टास्क वर्कर भी योजना से बाहर रखी गई हैं।

आवेदन प्रक्रिया में भी बदलाव

पहले आवेदन तहसील कल्याण अधिकारी के पास जमा कराए जाते थे। बाद में सरकार ने कहा कि अब पंचायतों में ग्राम सभा के अनुमोदन के बाद ही पैसा दिया जाएगा। हालांकि बार-बार बदलते नियमों के बीच अब कई महिलाओं ने कहीं न कहीं 1500 रुपये मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी है।

अब तक कितनी महिलाओं को मिली राशि

प्रदेश में साढ़े तीन साल के दौरान सुक्खू सरकार अब तक करीब 36 हजार महिलाओं को ही 1500 रुपये दे पाई है। इनमें से कई महिलाओं को करीब 3 किश्तें एक साथ मिली हैं। शुरुआत में करीब आठ लाख महिलाओं ने इस योजना के लिए आवेदन किया था।

कांग्रेस पार्टी की यह गारंटी अब सरकार के गले की फांस बनती जा रही है, क्योंकि इसे पूरा करने के लिए सरकार के पास पर्याप्त पैसा नहीं है। योजना को पूरी तरह लागू करने पर सालाना करीब 1 हजार करोड़ रुपये की जरूरत पड़ेगी।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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