हिमाचल प्रदेश
एक दिन पहले
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विचारों
शिमला जिला परिषद चुनाव पर मचा सियासी बवाल
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव का मुद्दा इन दिनों प्रदेश की राजनीति के केंद्र में है। राज्य में निकाय चुनाव संपन्न हुए लगभग दो महीने का समय बीत चुका है, लेकिन इन महत्वपूर्ण पदों पर अभी तक चुनाव नहीं हो पाए हैं। इस देरी को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है और इसे सत्ता का दुरुपयोग बता रहा है। वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के तीखे तेवरों का करारा जवाब देते हुए उन पर तंज कसा है।
पंचकूला ले जाने पर CM सुक्खू का पलटवार
मुख्यमंत्री सुक्खू ने जयराम ठाकुर की ओर से दी गई धरने और आंदोलन की चेतावनी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि नेता प्रतिपक्ष को वास्तव में सदस्यों की इतनी ही चिंता थी, तो उन्हें जिला परिषद सदस्यों को पंचकूला ले जाने के बजाय उनके साथ मिलकर अपनी मांग को लेकर शांतिपूर्ण धरना देना चाहिए था। सुक्खू ने सवाल उठाया कि आखिर बीजेपी को किस बात की घबराहट सता रही है कि उन्हें अपने सदस्यों को राज्य की सीमाओं से बाहर ले जाने की मजबूरी हो गई।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिला परिषद चुनाव की प्रक्रिया को कोई नहीं रोक सकता। जिला प्रशासन ने चुनाव के लिए बैठक की तारीख निर्धारित की थी, लेकिन उसी दौरान बीजेपी अपने सदस्यों को लेकर पंचकूला रवाना हो गई। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ सदस्य अभी राजस्थान की यात्रा से वापस लौटे हैं। यदि बीजेपी को लगता है कि सदस्यों को घुमाने से उन्हें फायदा होगा, तो वे और भी स्थानों की यात्रा करवा सकते हैं। चुनाव के समय जब वे वापस आएंगे, तो सरकार उनका स्वागत करेगी।
बीजेपी के डर पर मुख्यमंत्री का सवाल
मुख्यमंत्री ने बीजेपी की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर उन्हें किस बात का भय है, जिसके चलते सदस्यों को होटलों और विभिन्न स्थानों पर नजरबंद की तरह रखा जा रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि जब जिला प्रशासन ने बैठक का आयोजन किया था, तब सभी सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य थी, लेकिन वे जानबूझकर बैठक से अनुपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि जब हिमाचल प्रदेश के अन्य जिलों में जिला परिषदों का गठन शांतिपूर्ण तरीके से हो चुका है, तो शिमला को लेकर इतना अधिक हो-हल्ला क्यों किया जा रहा है।
BDC और जिला परिषद सदस्यों की भूमिका पर टिप्पणी
इस सियासी खींचतान के बीच मुख्यमंत्री सुक्खू ने जिला परिषद और BDC सदस्यों की कार्यप्रणाली पर भी एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इन सदस्यों की जो अहमियत है, वह केवल अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव संपन्न होने तक ही सीमित रहती है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब बीजेपी शिमला में चुनाव में देरी का मुद्दा उठाकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।
जयराम ठाकुर ने दी थी चेतावनी
इससे पहले, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप मढ़े थे। उनका कहना था कि चुनाव परिणाम घोषित हुए एक लंबा अरसा गुजर चुका है, लेकिन प्रशासन सरकार के दबाव में आकर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की तारीख तय नहीं कर रहा है। जयराम ठाकुर ने यह धमकी भी दी थी कि यदि जल्द चुनाव की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो वे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और जरूरत पड़ने पर सड़कों पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने शिमला के उपायुक्त कार्यालय की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए थे।
नेरवा को मिली नई अग्निशमन चौकी की सौगात
सियासी आरोपों के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विकास कार्यों की गति को भी बरकरार रखा है। सोमवार को उन्होंने अपने सरकारी आवास से वर्चुअल माध्यम से नेरवा में नवनिर्मित अग्निशमन चौकी का औपचारिक उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हरी झंडी दिखाकर दो अत्याधुनिक दमकल वाहनों को भी रवाना किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि नेरवा और उसके आसपास के दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में आग लगने जैसी आपातकालीन घटनाओं से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की एक मजबूत व्यवस्था की लंबे समय से मांग की जा रही थी। लोगों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने इस चौकी को शुरू किया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पूरे प्रदेश में अग्निशमन विभाग के आधुनिकीकरण पर लगभग 55 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। नई चौकी और आधुनिक दमकल वाहनों के संचालन से इस पूरे क्षेत्र के निवासियों को किसी भी अप्रिय घटना के समय तत्काल राहत और सहायता मिल सकेगी।
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