गौतम अदाणी को अमेरिकी अदालत से बड़ी राहत, सभी आपराधिक आरोप खारिज व्यापार एक घंटा पहले 4
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी और उनके सहयोगियों के खिलाफ अमेरिका में चल रहा लगभग दो साल पुराना आपराधिक मामला अदालत ने बंद कर दिया है। कोर्ट ने आरोपों को स्थायी रूप से खारिज कर दिया है, जिससे अब इन पर दोबारा मुकदमा नहीं चलाया जा सकेगा।

गौतम अदाणी और सहयोगियों को बड़ी कानूनी राहत

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी को एक बड़ी कानूनी जीत मिली है। अमेरिका की एक अदालत ने उनके खिलाफ लंबित करीब दो साल पुराने आपराधिक मामले को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। कोर्ट ने इन आरोपों को 'with prejudice' के साथ रद्द किया है, जिसका स्पष्ट अर्थ यह है कि अब इन विशिष्ट आरोपों को लेकर दोबारा कोई आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जा सकेगा। हालांकि, यह ध्यान देना आवश्यक है कि अदालत ने इन आरोपों की सत्यता या असत्यता पर कोई टिप्पणी नहीं की है और न ही इस पर कोई अंतिम फैसला सुनाया है।

अमेरिकी न्याय विभाग की याचिका पर हुई कार्रवाई

अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) द्वारा दायर की गई अपील को स्वीकार करते हुए गौतम अदाणी, सागर अदाणी और अदाणी ग्रीन के पूर्व CEO विनीत जैन के विरुद्ध चल रही कार्यवाही को समाप्त कर दिया है। इन तीनों पर मुख्य रूप से प्रतिभूति धोखाधड़ी (सिक्योरिटीज फ्रॉड) और वायर फ्रॉड के आरोप लगाए गए थे। अमेरिकी अभियोजकों ने नवंबर 2024 में दावा किया था कि इन लोगों ने भारत में सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के अनुबंध हासिल करने के लिए लगभग 250 मिलियन डॉलर की रिश्वत देने की योजना बनाई थी। अदाणी ग्रुप ने शुरू से ही इन सभी दावों को पूरी तरह से निराधार और गलत बताया था।

मामले के निपटारे की कानूनी प्रक्रिया

इस मामले को बंद करने से पहले न्यायाधीश निकोलस गारॉफिस ने अभियोजन पक्ष से आरोपों को वापस लेने के पीछे के ठोस कारणों का ब्योरा मांगा था। सरकार की ओर से दलील दी गई कि इस मामले को अब और आगे खींचना न्याय के हित में नहीं होगा। इसके पीछे सबूतों से जुड़ी जटिलताओं और कानूनी चुनौतियों का हवाला दिया गया। अंततः अदालत ने इस मामले को स्थायी रूप से बंद करने का आदेश जारी कर दिया, जिससे अब ये आपराधिक आरोप कानूनी रूप से समाप्त हो गए हैं।

आरोप खारिज, लेकिन क्लीन चिट का पहलू

यह समझना महत्वपूर्ण है कि अदालत द्वारा मामले को 'with prejudice' खारिज करने का अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि गौतम अदाणी को इन आरोपों से निर्दोष घोषित कर दिया गया है। चूंकि यह मामला कभी ट्रायल के चरण तक पहुंचा ही नहीं, इसलिए न तो किसी गवाह के बयान दर्ज हो सके और न ही किसी सबूत की कोर्ट में कानूनी पड़ताल हुई। अदाणी ग्रुप का रुख हमेशा यही रहा है कि वे सभी कानूनों का पालन करते हैं और उन पर लगे आरोप बेबुनियाद हैं।

गौतम अदाणी की प्रतिक्रिया और अन्य कानूनी स्थिति

अदालत के इस निर्णय के बाद गौतम अदाणी ने न्यायिक प्रक्रिया के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि कठिन समय के दौरान भी सच्चाई, निष्पक्षता और कानून के शासन में उनका अटूट विश्वास बना रहा। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी SEC से संबंधित एक अलग सिविल मामला भी चर्चा में है, जिसमें उन्होंने आरोपों को स्वीकार न करते हुए एक आदेश पर सहमति जताई थी, जिसके तहत उन्हें 60 लाख डॉलर की सिविल पेनल्टी का भुगतान करना होगा। स्पष्ट है कि आपराधिक मामला समाप्त होने के बावजूद कुछ अन्य कानूनी पहलुओं पर प्रक्रियाएं अभी भी अलग दृष्टिकोण रखती हैं।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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