समुद्र के बीच चीन का करिश्मा, 110 मंजिला विंड पावर प्लेटफॉर्म किसी भी तूफान को देगा मात व्यापार 18 घंटे पहले 6
चीन ने गहरे समुद्र में अपना पहला फ्लोटिंग विंड पावर प्लेटफॉर्म स्थापित किया है, जो 110 मंजिला इमारत की ऊंचाई के बराबर है और अत्यधिक शक्तिशाली तूफानों को झेलने में सक्षम है।

चीन की नई ऊर्जा क्रांति

चीन ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। देश ने गहरे समुद्र में अपने पहले फ्लोटिंग विंड पावर प्लेटफॉर्म का संचालन शुरू कर दिया है। इस विशालकाय ढांचे का निर्माण चीन की सरकारी कंपनी चाइना नेशनल ऑफशोर ऑयल कॉर्पोरेशन यानी सीएनओओसी ने किया है। इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक का उपयोग करके बनाया गया है। जैसे ही इस प्लेटफॉर्म को बिजली ग्रिड के साथ एकीकृत किया गया, इसने हरित ऊर्जा का उत्पादन शुरू कर दिया है।

समुद्र के भीतर एक विशालकाय ढांचा

इस 16 मेगावाट क्षमता वाले विंड पावर प्लेटफॉर्म को दक्षिण चीन के पर्ल रिवर माउथ बेसिन में स्थापित किया गया है। यह स्थान तट से करीब 136 किलोमीटर दूर है, जहाँ समुद्र की गहराई लगभग 136 मीटर है। अपनी इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का परिचय देते हुए चीन ने इसे ऐसे डिजाइन किया है कि यह 17 कैटेगरी तक के भीषण तूफानों को भी आसानी से झेल सकता है। सुरक्षा और मजबूती के लिहाज से यह समुद्री इंजीनियरिंग का एक अद्भुत नमूना है।

गगनचुंबी ऊंचाई और अद्भुत क्षमता

इस प्लेटफॉर्म की कुल ऊंचाई लगभग 110 मंजिला इमारत के बराबर है। इसके विशालकाय आकार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसका कुल वजन करीब 7,800 टन है। इसके रोटर का आकार इतना बड़ा है कि यह लगभग साढ़े 7 फुटबॉल मैदानों के बराबर के क्षेत्रफल को कवर करता है। समुद्र की सतह के भीतर बिछाई गई उच्च क्षमता वाली केबलों के माध्यम से इसे लुफंग तेल क्षेत्र के बिजली ग्रिड से सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया है, जिससे उत्पन्न बिजली का संचरण सुचारू रूप से हो रहा है।

सालाना 5.4 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन

इस परियोजना से मिलने वाले परिणामों को लेकर काफी उत्साह है। अनुमान के मुताबिक, यह विंड पावर प्लेटफॉर्म हर साल लगभग 5 करोड़ 40 लाख किलोवाट घंटा यानी 5.4 करोड़ यूनिट हरित बिजली का उत्पादन करेगा। यह न केवल चीन की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सहायक होगा, बल्कि पारंपरिक जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करने और कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्यों को हासिल करने में भी एक मील का पत्थर साबित होगा।

अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल

यह प्लेटफॉर्म टेंशन लेग प्लेटफॉर्म तकनीक पर आधारित है, जिसे विशेष रूप से गहरे समुद्र की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के लिए तैयार किया गया है। पारंपरिक सेमी सबमर्सिबल प्लेटफॉर्म्स की तुलना में यह तकनीक कहीं अधिक स्थिर और भरोसेमंद मानी जाती है। इसके निर्माण में कम स्टील का उपयोग होता है और यह समुद्र में कम जगह घेरता है। साथ ही, तेज समुद्री लहरों और खराब मौसम में भी इसकी कार्यक्षमता बेहतर बनी रहती है।

भविष्य के लिए ऊर्जा का नया स्रोत

चीन के समुद्री इलाकों में पवन ऊर्जा की अपार संभावनाएं छिपी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऑफशोर विंड एनर्जी आने वाले समय में स्वच्छ बिजली का सबसे बड़ा स्रोत बन सकती है। यह नया प्लेटफॉर्म केवल एक बिजली उत्पादन केंद्र नहीं है, बल्कि यह गहरे समुद्र में बड़े पैमाने पर विंड पावर प्रोजेक्ट्स लगाने की दिशा में चीन की एक महत्वपूर्ण शुरुआत है। इसके माध्यम से चीन अपनी ऑफशोर विंड पावर तकनीक को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाने की कोशिश में है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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