कम पानी और तेज धूप में भी खिलेगा 'डेजर्ट रोज', घर की रंगत बढ़ा देंगे रंग-बिरंगे फूल मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 2
नर्सरी से खरीदा गया ग्राफ्टेड डेजर्ट रोज लगभग 3 से 6 महीने में फूल देने लगता है, जबकि बीज से तैयार पौधे में फूल आने में 1 से 2 साल लग सकते हैं। कम देखभाल और कम पानी में भी यह पौधा छत-बालकनी को आकर्षक बना देता है।

अगर आप अपनी छत या बालकनी को सजाना तो चाहते हैं, लेकिन रोजाना पौधों की देखभाल के लिए ज्यादा समय नहीं निकाल पाते, तो डेजर्ट रोज आपके लिए बेहद उपयुक्त विकल्प हो सकता है। यह ऐसा पौधा है जो कम पानी, तेज धूप और गर्म मौसम में भी बिना किसी परेशानी के बढ़ता रहता है। इसका मोटा और आकर्षक तना इसे बोनसाई जैसा रूप देता है, जबकि रंग-बिरंगे फूल किसी भी खाली कोने को निखार देते हैं। यही वजह है कि आजकल गार्डनिंग के शौकीनों के बीच यह पौधा तेजी से पसंद किया जा रहा है।

सतना निवासी विशेषज्ञ बच्चा सिंह बताते हैं कि डेजर्ट रोज उन लोगों के लिए सबसे अच्छा पौधा है, जो कम मेहनत में सुंदर बागवानी का आनंद लेना चाहते हैं। यह तेज गर्मी और चिलचिलाती धूप को आसानी से सह लेता है। जहां कई नाजुक पौधे गर्मी में मुरझा जाते हैं, वहीं डेजर्ट रोज पूरे दमखम के साथ टिका रहता है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि अगर आप कुछ दिनों के लिए घर से बाहर चले जाएं, तब भी यह बिना पानी के जीवित रह सकता है।

बोनसाई जैसा लुक बनाता है खास

कॉडेक्स यानी डेजर्ट रोज का मोटा और घुमावदार तना इसकी सुंदरता को और बढ़ा देता है। यही तना इसे बोनसाई जैसा आकर्षक स्वरूप देता है। जब इस पर एक साथ कई फूल खिलते हैं, तो पूरा पौधा किसी सजावटी शोपीस की तरह दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि लोग इसे छत, बालकनी, टेरेस गार्डन और घर के प्रवेश द्वार पर लगाना पसंद करते हैं। यह वर्षों तक बढ़ता रहता है और समय के साथ इसकी खूबसूरती और भी निखरती जाती है।

ऐसे तैयार करें गमला और मिट्टी

डेजर्ट रोज लगाने के लिए ऐसा गमला चुनना चाहिए, जिसमें पानी निकासी के लिए अच्छे ड्रेनेज होल हों। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके लिए उथला गमला ज्यादा उपयुक्त रहता है। मिट्टी तैयार करते समय सामान्य मिट्टी, मोटी रेत और वर्मी कंपोस्ट को मिलाकर भुरभुरा मिश्रण बनाना चाहिए। यह मिश्रण जड़ों को सड़ने से बचाता है और बेहतर विकास में मदद करता है।

पौधा लगाते समय इसके मोटे तने यानी कॉडेक्स को पूरी तरह मिट्टी में दबाने के बजाय ऊपर की ओर खुला रखना चाहिए, ताकि इसकी प्राकृतिक सुंदरता बनी रहे।

धूप और पानी का रखें ध्यान

अच्छी फ्लावरिंग के लिए डेजर्ट रोज को रोजाना कम से कम 6 से 8 घंटे की सीधी धूप चाहिए होती है। इसे ऐसी जगह रखें, जहां भरपूर सूर्य प्रकाश पहुंचता हो। पानी केवल तभी दें, जब मिट्टी पूरी तरह सूखी महसूस हो। जरूरत से ज्यादा पानी देने पर जड़ों में सड़न की समस्या हो सकती है। यही कारण है कि यह पौधा उन लोगों के लिए भी मुफीद माना जाता है, जो नियमित रूप से पौधों को पानी नहीं दे पाते।

कितने समय में आते हैं फूल?

अगर आप नर्सरी से ग्राफ्टेड डेजर्ट रोज का पौधा खरीदकर लगाते हैं, तो यह लगभग 3 से 6 महीने के भीतर फूल देना शुरू कर सकता है। वहीं बीज से तैयार पौधे में फूल आने के लिए 1 से 2 साल तक का इंतजार करना पड़ सकता है। यही वजह है कि जल्दी फूल पाने के लिए ज्यादातर लोग ग्राफ्टेड पौधों को प्राथमिकता देते हैं।

रंगों की भरमार है इसकी पहचान

डेजर्ट रोज की सबसे बड़ी खूबसूरती इसके आकर्षक फूल हैं। बाजार में यह चमकीले लाल, गहरे गुलाबी, सफेद और पीले रंगों में आसानी से मिल जाता है। आधुनिक ग्राफ्टिंग तकनीक की बदौलत अब डबल शेड, डार्क पर्पल और मल्टीकलर फूलों वाली हाइब्रिड वैरायटी भी उपलब्ध हैं। इन रंग-बिरंगे फूलों के कारण यह पौधा किसी भी छत या बालकनी को मॉडर्न और आकर्षक लुक देने में सक्षम है। कम देखभाल, कम पानी की जरूरत और सालों तक खिलते रहने वाले सुंदर फूलों की वजह से डेजर्ट रोज आज शहरी बागवानी का पसंदीदा पौधा बनता जा रहा है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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