ऑस्ट्रेलिया में सांसद को कार से कुचलने की कोशिश, प्रधानमंत्री ने इसे बताया सोची-समझी साजिश विश्व 2 घंटे पहले 9
ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया प्रांत में एक सांसद को कार से टक्कर मारने के मामले में प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इसे जानबूझकर की गई कार्रवाई करार दिया है। इस घटना की जांच अब राष्ट्रीय आतंकवाद-निरोधक टीम कर रही है।

सांसद को टक्कर मारने की घटना

ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया प्रांत के वांगाराटा से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां की सांसद हेलेन हेन्स को उनके ही चुनावी जिला कार्यालय के बाहर एक एसयूवी गाड़ी ने जोरदार टक्कर मार दी। इस भयानक हादसे में सांसद गंभीर रूप से घायल हो गई हैं, जिसके बाद उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया है और अब इस घटना की जांच में राष्ट्रीय आतंकवाद-निरोधक टीम को शामिल किया गया है।

प्रधानमंत्री की सख्त टिप्पणी

इस पूरी घटना पर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने बड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह महज एक सड़क दुर्घटना नहीं है, बल्कि ऐसा जान पड़ता है कि यह पूरी तरह से सोची-समझी साजिश थी और इसे जानबूझकर अंजाम दिया गया है। प्रधानमंत्री ने आस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कोरपोरेशन से बात करते हुए कहा कि अभी तक इस हमले के पीछे की सटीक वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसकी तह तक जाने के लिए हर पहलू से जांच कर रही हैं।

जांच का दायरा और आरोपी की गिरफ्तारी

पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह घटना तब हुई जब 65 वर्षीय सांसद हेलेन हेन्स अपने कार्यालय के बाहर मौजूद थीं। हमलावर ने टोयोटा लैंड क्रूजर एसयूवी का इस्तेमाल कर उन्हें निशाना बनाया। राहत की बात यह रही कि घटनास्थल पर मौजूद एक राहगीर ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी ड्राइवर को दबोच लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। तलाशी के दौरान पुलिस को उस टोयोटा गाड़ी से एक चाकू भी बरामद हुआ है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस हमले का कोई बड़ा आतंकी कनेक्शन है या फिर इसके पीछे कोई अन्य मकसद था।

बढ़ी सुरक्षा संबंधी चिंताएं

हेलेन हेन्स वर्ष 2019 में पहली बार संसद के लिए निर्वाचित हुई थीं। ऑस्ट्रेलिया में यह घटना राजनीतिज्ञों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ रही है। ऑस्ट्रेलिया में आम तौर पर राजनीतिक नेता जनता के बीच बेहद सहज रहते हैं और बिना किसी भारी सुरक्षा घेरे या अंगरक्षकों के अपना कामकाज निपटाते हैं। इस घटना ने देश में नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था और उनकी आम जनता तक पहुंच के पारंपरिक तरीकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब इस मामले को लेकर काफी सतर्क है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप