परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, सीबीआई करेगी पूरे मामले की जांच पंजाब एक घंटा पहले 13
नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। इस निर्णय के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच पर लगाई मुहर

पंजाब में नशे के खिलाफ मुहिम चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस गंभीर घटना के बाद राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI को सौंपने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। पीड़ित परिवार पिछले काफी समय से इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी से पड़ताल की मांग कर रहा था। मुख्यमंत्री ने दिवंगत झोटा के परिवार के साथ अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

सोशल मीडिया पर की घोषणा

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल X के माध्यम से इस फैसले की जानकारी जनता के साथ साझा की। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार नशा विरोधी मुहिम में शहीद हुए परविंदर सिंह झोटा के पिता और उनके पूरे परिवार के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि परिवार की भावनाओं और उनकी मांग को देखते हुए इस मामले को CBI के हवाले किया जा रहा है। सरकार का संकल्प है कि पंजाब को नशा मुक्त बनाया जाए और इस दिशा में जो भी सख्त कदम उठाने जरूरी होंगे, उन्हें उठाने से पीछे नहीं हटा जाएगा। उन्होंने दोहराया कि नशे के सौदागरों के खिलाफ उनकी जंग निर्णायक मोड़ पर है।

रवनीत बिट्टू का तीखा प्रहार

सरकार के इस कदम पर पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इसे सरकार का न्याय न बताकर मात्र एक ढोंग और डर का परिणाम बताया है। रवनीत बिट्टू ने अपने बयान में कहा कि यदि सरकार वास्तव में पंजाब की पीड़ा समझती तो आज उन्हें इस तरह के दबाव में फैसले नहीं लेने पड़ते। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हिटलरी घमंड में चूर थी, जो जनता के भारी विरोध के बाद झुकने को मजबूर हुई है। बिट्टू ने दावा किया कि गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे और उनकी योजनाओं के डर से यह फैसला लिया गया है ताकि सरकार अपनी नाकामियों को छुपा सके। उन्होंने इसे एक भगोड़ी सरकार का ड्रामा करार देते हुए कहा कि पंजाब की जनता अब बहाने नहीं, बल्कि पूरे हिसाब की मांग कर रही है।

दिनदहाड़े हुई थी वारदात

उल्लेखनीय है कि 13 अक्टूबर को मानसा के एक भीड़भाड़ वाले बाजार में परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। झोटा क्षेत्र में केमिस्ट दुकानों पर नशीली दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ मुखर थे। घटना वाले दिन जब उन्होंने एक मेडिकल स्टोर संचालक से एक बुजुर्ग को नशीले पदार्थ बेचने को लेकर सवाल किया, तो आरोपी अश्वनी कुमार ने उन पर गोली चला दी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, जिसे बाद में राजस्थान के सालासर से हिरासत में ले लिया गया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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