खेल
एक घंटा पहले
4
विचारों
एक साल में नौवीं बार पचास पार का कमाल
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की आक्रामक ओपनर शैफाली वर्मा ने अपने शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ जारी टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में शैफाली ने न केवल आतिशी बल्लेबाजी की, बल्कि अपनी ही टीम की कप्तान स्मृति मंधाना के दो साल पुराने रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दिया। शैफाली के नाम अब एक कैलेंडर वर्ष में 9 बार पचास से अधिक रनों की पारी खेलने का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। इससे पहले साल 2024 में स्मृति मंधाना ने 8 बार यह कारनामा किया था। शैफाली के पास अभी भी मौका है कि वह इस आंकड़े को और बेहतर कर सकें, क्योंकि इसके लिए उन्हें महज एक और अर्धशतक की दरकार है।
लौरा वोल्वार्ड्ट को पीछे छोड़ शीर्ष पर पहुंची शैफाली
शैफाली वर्मा का बल्ला केवल अर्धशतकों के मामले में ही नहीं, बल्कि कुल रनों के लिहाज से भी खूब चला है। उन्होंने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक साल में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाज लौरा वोल्वार्ड्ट को भी पछाड़ दिया है। वर्ष 2026 में लौरा वोल्वार्ड्ट ने कुल 824 रन बनाए थे, जो अब तक का सर्वोच्च आंकड़ा था। हालांकि, अब शैफाली वर्मा ने इस साल 922 रन बनाकर उन्हें काफी पीछे छोड़ दिया है। इस फेहरिस्त में स्मृति मंधाना भी पीछे नहीं हैं, जिन्होंने इस साल अब तक कुल 821 रन बना लिए हैं और वह भी जल्द ही लौरा वोल्वार्ड्ट के आंकड़े को पार कर सकती हैं।
मैच में शानदार प्रदर्शन और सीरीज पर कब्जा
जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम का दबदबा स्पष्ट नजर आया। जिम्बाब्वे की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में केवल 102 रन ही बना सकी और उसने 8 विकेट गंवा दिए। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया। शैफाली वर्मा ने मात्र 25 गेंदों का सामना करते हुए 55 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 4 छक्के शामिल थे। उनका साथ देते हुए कप्तान स्मृति मंधाना ने भी 25 गेंदों में 47 रन बनाए। भारत ने यह मुकाबला 8.2 ओवर में ही मात्र 1 विकेट खोकर 104 रन के साथ जीत लिया।
भारत ने बनाया जीत का नया कीर्तिमान
इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने सीरीज पर भी कब्जा जमा लिया है। यह भारत की इस साल की ऐतिहासिक उपलब्धि है। टीम इंडिया ने वर्ष 2026 में कुल 26 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, जिनमें से 17 मैचों में जीत हासिल की है। यह किसी भी एक साल में भारत की सबसे ज्यादा टी20 इंटरनेशनल जीत है। इससे पहले साल 2018 में भारत ने 23 मैच खेलकर 16 में जीत दर्ज की थी, जिसे अब पीछे छोड़ दिया गया है। शैफाली वर्मा की इस शानदार बल्लेबाजी और टीम इंडिया के निरंतर प्रदर्शन ने खेल प्रशंसकों को काफी रोमांचित किया है।
Comments
0 comment