उपनाम: धार्मिक मान्यता
रक्षाबंधन 2026: इस बार अग्नि पंचक के साये में मनाया जाएगा भाई-बहन का त्योहार, जानिए क्या है मान्यताएं
साल 2026 में रक्षाबंधन के मौके पर पंचक का प्रभाव रहने वाला है, जिसे ज्योतिष में अग्नि पंचक कहा जा रहा है। जानिए इस दौरान किन कार्यों को करने से परहेज करना चाहिए और क्या राखी बांधना शुभ होगा।
पुत्रदा एकादशी 2026: संतान प्राप्ति के लिए करें ये विशेष उपाय, जानें मंत्र और पूजा की विधि
सावन माह की पुत्रदा एकादशी पर संतान सुख के लिए भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन संतान गोपाल मंत्र का जाप करने से मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026: जानिए व्रत की सही तारीख, पूजा की विधि और इस पर्व का अद्भुत महत्व
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाने वाली जन्माष्टमी का हिंदू धर्म में विशेष स्थान है। इस वर्ष 4 सितंबर 2026 को श्रद्धालु विधि-विधान से भगवान का जन्मोत्सव मनाएंगे और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखेंगे।
सावन के पवित्र महीने में चिकन खाने को लेकर चर्चा में आए पूर्व IPS अमिताभ दास, खुद को बताते हैं 'घोर नास्तिक'
बिहार के पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ दास अपने बेबाक बयानों के लिए अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। इस बार सावन के दौरान मांसाहार को लेकर दी गई उनकी टिप्पणी ने लोगों का ध्यान खींचा है।
बाबा महाकाल का अभिषेक किस जल से होता है? हनुमान जी से जुड़ा है इसका पौराणिक रहस्य
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्थित कोटितीर्थ कुंड का जल अत्यंत पवित्र माना जाता है, जिसका सीधा जुड़ाव हनुमान जी की पौराणिक कथा से है। इसी पावन जल से बाबा महाकाल का नित्य अभिषेक और पूजन किया जाता है।
तुलसी वास्तु नियम: क्या आपके घर में भी तुलसी के पास रखी हैं ये चीजें? हो जाएं सावधान
घर में लगा तुलसी का पौधा सुख और समृद्धि का प्रतीक है, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ गलतियां घर में दरिद्रता ला सकती हैं। जानिए किन चीजों को तुलसी के आसपास रखने से बचना चाहिए।
बिहार का रहस्यमयी ब्रह्मकुंड: यहाँ भगवान ब्रह्मा ने बनवाए थे 22 कुंड, जानें क्यों हमेशा गर्म रहता है पानी
बिहार के राजगीर में स्थित ब्रह्मकुंड आस्था और विज्ञान का अद्भुत मेल है। यह देश का सबसे गर्म जलकुंड माना जाता है, जहाँ का पानी प्राकृतिक रूप से 45 डिग्री सेल्सियस पर गर्म रहता है।
सागर: 700 साल पुराने कल्पवृक्ष पर संकट, आंधी-पानी से झुका दुर्लभ पेड़, जानिए क्यों है यह खास
मध्य प्रदेश के सागर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित प्राचीन कल्पवृक्ष खराब मौसम के कारण झुक गया है, जिससे इसके अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। स्थानीय लोग और संगठन अब इस दुर्लभ ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं।
सावन 2026: कढ़ी खाने से परहेज क्यों किया जाता है, जानिए इसके पीछे की छिपी हुई धार्मिक और वैज्ञानिक सच्चाई
सावन के पवित्र महीने में खानपान से जुड़ी कई सावधानियां बरती जाती हैं, जिनमें कढ़ी का सेवन न करना भी शामिल है। ज्योतिषी और आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर कारण भी हैं।
मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए शुक्रवार को अर्पित करें ये 5 विशेष फूल, बरसेगा धन और वैभव
शुक्रवार का दिन धन की देवी मां लक्ष्मी को समर्पित होता है और इस दिन विशेष फूल अर्पित करने से आर्थिक तंगी दूर होकर सुख-समृद्धि का आगमन होता है। आइए जानते हैं किन फूलों से प्रसन्न होती हैं माता लक्ष्मी और क्या है इनका धार्मिक महत्व।
शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को खीर का भोग क्यों चढ़ाते हैं? जानें पूजा के नियम और इसका धार्मिक महत्व
शुक्रवार का दिन धन की देवी माता लक्ष्मी की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन उन्हें खीर का भोग अर्पित करना अत्यंत शुभ है, जिससे घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है और शुक्र ग्रह के दोष दूर होते हैं।
निर्जला एकादशी 2026: जानिए इस दिन का महत्व और क्यों इसे माना जाता है सबसे खास
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी को हिंदू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि इस दिन बिना जल और अन्न के व्रत रखने से पूरे साल की एकादशियों का पुण्य मिल जाता है।
निर्जला एकादशी पर बरसेगी लक्ष्मी-नारायण की कृपा, इस बार फरीदाबाद के लिए खास है यह व्रत
25 जून 2026 को मनाई जाने वाली निर्जला एकादशी इस बार गुरुवार को पड़ रही है, जो विशेष रूप से सुख-समृद्धि और विवाह बाधाओं को दूर करने के लिए अत्यंत शुभ मानी जा रही है।
12 साल में सिर्फ एक बार खिलता है यह दुर्लभ फूल, जानिए क्या है इसकी रहस्यमयी कहानी
प्रकृति के अद्भुत चमत्कारों में शुमार ब्रह्म कमल का फूल 12 साल में महज एक बार खिलता है। अपनी औषधीय और आध्यात्मिक खूबियों के कारण यह फूल दुनिया भर में खास पहचान रखता है।
पितरों की तस्वीर लगाने से पहले जान लें ये नियम, गरुड़ पुराण में बताई गई है उचित दिशा और स्थान
गरुड़ पुराण और वास्तु मान्यताओं के अनुसार पूर्वजों की तस्वीर घर की दक्षिण या पश्चिम दिशा की दीवार पर लगाना शुभ माना जाता है, जबकि मंदिर, रसोई और सीढ़ियों जैसी जगहों से बचने की सलाह दी जाती है।