सागर का नया 'मांझी': 16 साल के किशोर ने परिवार की प्यास बुझाने के लिए अकेले खोदा 25 फीट गहरा कुआं मध्य प्रदेश 2 घंटे पहले 6
मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक 16 वर्षीय छात्र अनीश फौजदार ने अपने परिवार को पानी की किल्लत से मुक्ति दिलाने के लिए अद्भुत जज्बा दिखाया है। बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाले अनीश ने किसी की मदद लिए बिना अकेले ही 25 फीट गहरा कुआं खोदकर पानी निकाल दिया है।

सागर के किशोर ने दिखाया अद्भुत साहस

मध्य प्रदेश के सागर जिले से एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जिसने लोगों को बिहार के दशरथ मांझी की याद दिला दी है। जिस तरह मांझी ने अकेले पहाड़ काटकर रास्ता बनाया था, उसी तरह 16 साल के अनीश फौजदार ने अपने परिवार की जल संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए बिना किसी की सहायता के 25 फीट गहरा कुआं खोद डाला है। अनीश का यह प्रयास अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और हर कोई उनके दृढ़ संकल्प की सराहना कर रहा है।

संकल्प और कड़ी मेहनत का परिणाम

बारहवीं कक्षा के छात्र अनीश फौजदार ने जब अपने परिवार को पानी के लिए संघर्ष करते देखा, तो उन्होंने खुद कुआं खोदने का बीड़ा उठाया। उन्होंने अपने परिवार के सामने यह संकल्प रखा था कि वे स्वयं कुआं खोदकर पानी की व्यवस्था करेंगे। हालांकि, उस समय परिवार ने इसे एक सामान्य बात मानकर गंभीरता से नहीं लिया होगा, लेकिन अनीश ने अपनी बातों को सच कर दिखाया। उन्होंने न केवल कुएं की खुदाई की, बल्कि जमीन के अंदर से मिट्टी बाहर निकालने का सारा कठिन काम भी अकेले ही किया।

25 फीट की खुदाई के बाद मिली सफलता

खुदाई के दौरान अनीश के सामने कई चुनौतियां आईं, लेकिन उनका हौसला कम नहीं हुआ। जैसे-जैसे कुएं की गहराई बढ़ती गई, उनका आत्मविश्वास और भी मजबूत होता गया। अंततः 25 फीट की गहराई तक पहुंचने पर उन्हें कुएं में पानी मिल ही गया। जैसे ही कुएं से पानी की धारा फूटी, अनीश और उनके परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस छोटी सी उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करने के बाद अनीश के परिवार का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है।

गांव में बनी प्रेरणा की मिसाल

अनीश की इस मेहनत और जिद की गूंज अब पूरे गांव में सुनाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि 16 साल की उम्र में इस प्रकार का शारीरिक और मानसिक श्रम करना हर किसी के बस की बात नहीं है। उन्होंने साबित कर दिया है कि उम्र का हौसलों से कोई लेना-देना नहीं होता। यदि इंसान के पास मेहनत करने का जज्बा हो, तो बड़ी से बड़ी बाधाओं को पार किया जा सकता है।

युवाओं के लिए एक बड़ी सीख

अनीश फौजदार की कहानी गांव के अन्य युवाओं के लिए एक मिसाल बन गई है। पढ़ाई के साथ-साथ परिवार की जिम्मेदारियों को समझते हुए उन्होंने जिस प्रकार अपना समय और श्रम निवेश किया, वह उनके व्यक्तित्व और आत्मविश्वास को दर्शाता है। कुएं से निकला यह पानी केवल एक स्रोत नहीं है, बल्कि यह अनीश की लगन और मेहनत की एक जीती-जागती कहानी है। आने वाले समय में अनीश जैसे युवाओं का साहस समाज के लिए नई राहें खोलने का काम करेगा। उनके इस कदम ने न केवल परिवार की प्यास बुझाई है, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया है कि कठिन परिस्थितियों में भी यदि दृढ़निश्चय हो, तो सफलता निश्चित है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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