ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग का आखिरी मौका: केवल 6 दिन बाकी, मानसून के चलते बंद होंगी गतिविधियां उत्तराखंड 4 महीने पहले 135
उत्तराखंड के ऋषिकेश में मानसून की दस्तक के साथ ही रिवर राफ्टिंग पर अस्थायी रोक लगने वाली है। साहसिक खेलों के शौकीनों के पास अब राफ्टिंग का लुत्फ उठाने के लिए महज 6 दिन का समय शेष है।

राफ्टिंग के शौकीनों के लिए अंतिम अवसर

ऋषिकेश में गंगा की लहरों पर रोमांचक राफ्टिंग का आनंद लेने वाले पर्यटकों के लिए एक जरूरी सूचना है। मानसून सीजन की तैयारियों के मद्देनजर आगामी 30 जून से गंगा नदी में राफ्टिंग की सभी गतिविधियों पर अस्थायी रूप से रोक लगाई जा रही है। इस सीजन का आनंद लेने के लिए सैलानियों के पास अब केवल 6 दिनों का ही समय बचा है।

प्रमुख केंद्रों पर उमड़ रही पर्यटकों की भीड़

राफ्टिंग पर लगने वाली रोक की खबर के बाद से ही ऋषिकेश के मुख्य राफ्टिंग केंद्रों पर रौनक बढ़ गई है। शिवपुरी, ब्रह्मपुरी, मरीन ड्राइव और कौड़ियाला जैसे लोकप्रिय पॉइंट्स पर पर्यटकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। राफ्टिंग एजेंसी संचालकों का कहना है कि अंतिम दिनों में बुकिंग में तेजी आई है और अधिकांश स्लॉट पहले ही बुक हो चुके हैं। बड़ी संख्या में पर्यटक मानसून की पहली बारिश से पहले गंगा नदी के रोमांचक सफर का अनुभव लेना चाहते हैं।

सुरक्षा कारणों से लिया गया निर्णय

हर साल मानसून की शुरुआत के साथ गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने लगता है और पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश के चलते नदी का बहाव अत्यंत तेज और अनिश्चित हो जाता है। ऐसी परिस्थितियों में पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन हर साल राफ्टिंग पर प्रतिबंध लगाता है। राफ्टिंग के दौरान प्रशिक्षित गाइड्स, लाइफ जैकेट और हेलमेट जैसे सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अनिवार्य होता है, लेकिन मानसून के दौरान नदी की चुनौतीपूर्ण स्थितियां किसी भी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं।

कब शुरू होगी दोबारा राफ्टिंग?

एडवेंचर टूरिज्म ऋषिकेश की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है और हजारों लोगों का रोजगार इस पर निर्भर है। मानसून के दौरान कारोबार पर असर जरूर पड़ता है, लेकिन पर्यटकों की सुरक्षा को प्रशासन सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। बारिश का मौसम पूरी तरह बीत जाने और गंगा का जलस्तर सामान्य होने के बाद राफ्टिंग का काम फिर से शुरू कर दिया जाएगा। यदि आप भी राफ्टिंग के रोमांच का अनुभव करना चाहते हैं, तो अब बिना देरी किए योजना बनाना बेहतर होगा क्योंकि 30 जून से यह सेवा बंद कर दी जाएगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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