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6 घंटे पहले
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कोनाक्री में कुदरत का कहर
पश्चिम अफ्रीकी देश गिनी की राजधानी कोनाक्री में रविवार को एक भीषण त्रासदी सामने आई है। शहर के प्रमुख कचरा डंपिंग स्थल दार एस सलाम में भारी बारिश के कारण कचरे का एक विशाल पहाड़ अचानक ढह गया। इस भयावह घटना में कम से कम 30 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 6 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। यह हादसा उस समय हुआ जब पूरा शहर मूसलाधार बारिश से जूझ रहा था।
आधी रात को हुआ हादसा
स्थानीय समय के अनुसार, यह घटना रविवार की रात करीब 2 बजे हुई। मूसलाधार बारिश के चलते कचरे का यह ढेर अस्थिर हो गया और अचानक खिसक गया। देखते ही देखते मलबे का एक सैलाब पास में बनी झुग्गी बस्तियों पर जा गिरा। कचरे के इस बड़े ढेर के नीचे दबने से कई परिवार फंस गए, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दलों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कर दिया। मलबे के नीचे दबे लोगों को खोजने की कोशिशें अभी भी जारी हैं और कई घर पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो गए हैं।
प्रशासन की चेतावनी को किया गया था नजरअंदाज
सैन्य इंजीनियरिंग बटालियन के स्वच्छता अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल बाल्डे मामादौ बाइलो ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए बताया कि दार एस सलाम का यह डंपिंग साइट शहर का सबसे बड़ा कचरा निस्तारण केंद्र है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस क्षेत्र को रविवार से बंद करने की आधिकारिक योजना पहले ही तैयार कर ली गई थी। डंपिंग स्थल के आसपास रहने वाले निवासियों को प्रशासन की ओर से इलाका खाली करने के लिए नोटिस भी जारी किए गए थे। हालांकि, सरकारी चेतावनी के बावजूद बड़ी संख्या में लोग वहां रह रहे थे, जिससे यह त्रासदी और भी गंभीर हो गई।
बचाव कार्य और भविष्य की चुनौती
मौके पर पहुंचीं मंत्री डिएनाबू टुरे ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि सरकार अब वहां रहने वाले बचे हुए परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर रही है। वर्तमान में बचाव दलों की सर्वोच्च प्राथमिकता मलबे में दबे अन्य लोगों की तलाश करना है। प्रशासन को इस बात का डर है कि मलबे से और शव बरामद हो सकते हैं, जिससे मृतकों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।
प्राकृतिक संसाधनों में धनी फिर भी गरीबी की मार
गिनी एक ऐसा देश है जो खनिज संपदाओं के मामले में दुनिया भर में अपनी पहचान रखता है। यहां दुनिया का सबसे बड़ा बॉक्साइट का भंडार मौजूद है। इसके साथ ही देश में सोना, हीरे और लौह अयस्क के विशाल भंडार भी उपलब्ध हैं। इन सब के बावजूद देश की बड़ी आबादी आर्थिक तंगी और गरीबी का सामना कर रही है। विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, गिनी की कुल आबादी का करीब 43.7 फीसदी हिस्सा राष्ट्रीय गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर है। यह हादसा देश में बुनियादी सुविधाओं और आवासीय सुरक्षा की कमी को भी उजागर करता है।
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