पुरानी बस-ट्रक हटाकर नई BS-VI या इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने पर लोन में 5% ब्याज सब्सिडी, हर महीने ₹4800 तक का फ्यूल वाउचर भी ऑटो एक घंटा पहले 2
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण घटाने के लिए कैबिनेट ने 5041 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत पुरानी बस-ट्रक बदलकर नई BS-VI और इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने वालों को ब्याज सब्सिडी और फ्यूल वाउचर जैसे आर्थिक लाभ मिलेंगे।

दिल्ली और एनसीआर की बिगड़ती हवा पर लगाम कसने के मकसद से सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने 5041 करोड़ रुपये की एक विशेष योजना को हरी झंडी दी है, जिसके जरिए इस क्षेत्र में चल रहे पुराने ट्रकों और बसों की जगह BS-VI मानक वाली और इलेक्ट्रिक गाड़ियां लाई जाएंगी। इस पहल के अंतर्गत पुराने वाहनों को हटाकर नई BS-VI या इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने वाले मालिकों को आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाएगा। बुधवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस योजना की जानकारी साझा की।

पांच साल तक लोन पर 5 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी

योजना के तहत केंद्र सरकार पांच साल की अवधि के लिए लोन पर 5 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी देगी। इसके साथ ही वाहन की श्रेणी के अनुसार पांच साल तक हर महीने 4800 रुपये तक का फ्यूल वाउचर भी मिलेगा। इसके अलावा कंपनियों की ओर से दी जाने वाली छूट और इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने पर एकमुश्त लाभ भी इस योजना का हिस्सा है। यह सुविधा सिर्फ दिल्ली-एनसीआर में रजिस्टर्ड BS-IV और उससे पुराने मानक वाले ट्रकों और बसों पर ही लागू होगी।

1.9 लाख से ज्यादा ट्रक और 16,000 बसें दायरे में

सरकारी बयान के अनुसार, इस योजना का लक्ष्य दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल चल रहे 1.9 लाख से ज्यादा ट्रकों और 16,000 बसों को इसके दायरे में लाना है। इस इलाके की हवा को प्रदूषित करने में यहां दौड़ने वाले ट्रकों और बसों का बड़ा योगदान माना जाता है। सरकार ने बताया कि BS-I से लेकर BS-IV तक की गाड़ियां, BS-VI वाहनों की तुलना में 67% अधिक कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और 97% अधिक पार्टिकुलेट मैटर (PM) उत्सर्जित करती हैं। यही वजह है कि वाहनों के पूरे बेड़े को आधुनिक बनाना हवा की गुणवत्ता सुधारने की कोशिशों में अहम भूमिका निभाएगा।

ऑटो इंडस्ट्री ने सराहा सरकार का फैसला

वाहन उद्योग ने सरकार की इस योजना को एक 'सकारात्मक कदम' करार दिया है। उद्योग जगत का मानना है कि यह स्वच्छ वाहनों को अपनाने की रफ्तार तेज करेगी और प्रदूषण के स्तर को कम करने में मददगार साबित होगी। ऑटो कंपनियों के संगठन सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में पर्यावरण के अनुकूल गाड़ियों को अपनाने की गति बढ़ाने की दिशा में यह एक सकारात्मक कदम है।

वायु प्रदूषण से लड़ाई में बड़ा कदम

वीई कमर्शियल व्हीकल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ बी. श्रीनिवास ने योजना का स्वागत करते हुए कहा कि दिल्ली-एनसीआर के लिए इसे मंजूरी देने पर वे सरकार की सराहना करते हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम ट्रकों और बसों के बेड़े के आधुनिकीकरण में तेजी लाने के साथ-साथ क्षेत्र की सबसे गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों में से एक, यानी वायु प्रदूषण, से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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