हल्दी की होती हैं 6 अलग-अलग किस्में, क्या आप जानते हैं इन सबके नाम? ज्यादातर लोग रहते हैं अनजान जीवनशैली एक दिन पहले 9
रसोई में रोज इस्तेमाल होने वाली हल्दी सिर्फ पीली ही नहीं होती। काली, सफेद, कस्तूरी, लकाडोंग और अचारी समेत इसकी 6 प्रमुख किस्में हैं, जिनका रंग, स्वाद और उपयोग एक-दूसरे से अलग है।

हल्दी भारतीय रसोई का वह मसाला है जिसके बिना कई पकवान अधूरे लगते हैं। लेकिन ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि हल्दी सिर्फ एक ही तरह की होती है, जबकि हकीकत इससे अलग है। भारत में हल्दी की कई किस्में पाई जाती हैं, जिनका रंग, स्वाद, खुशबू और इस्तेमाल का तरीका आपस में काफी भिन्न होता है। कुछ किस्में खाने में काम आती हैं, कुछ त्वचा की देखभाल में और कुछ अपने औषधीय गुणों के लिए मशहूर हैं। आइए जानते हैं हल्दी की 6 प्रमुख किस्मों के बारे में।

सामान्य पीली हल्दी (General Yellow Turmeric)

यह सबसे आम और सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली हल्दी है। इसका वैज्ञानिक नाम Curcuma longa है। बाजार में मिलने वाला अधिकतर हल्दी पाउडर इसी से बनाया जाता है। इसमें करक्यूमिन नामक यौगिक होता है, जो इसे पीला रंग प्रदान करता है। भारतीय रसोई, आयुर्वेद और घरेलू नुस्खों में इसी का सबसे अधिक प्रयोग होता है।

काली हल्दी (Black Turmeric)

काली हल्दी देखने में सामान्य हल्दी से पूरी तरह अलग दिखती है। इसका बाहरी हिस्सा गहरा भूरा और भीतरी भाग नीले-काले रंग का हो सकता है। इसकी महक कपूर जैसी बताई जाती है। यह मुख्य रूप से भारत के मध्य और पूर्वी इलाकों में मिलती है। काली हल्दी को काफी दुर्लभ माना जाता है और इसकी खेती भी सीमित क्षेत्रों तक ही होती है।

कस्तूरी हल्दी या अंबा हल्दी (Kasturi / Amba Turmeric)

कस्तूरी हल्दी अपने सौंदर्य से जुड़े उपयोगों के लिए पहचानी जाती है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इससे सामान्य हल्दी की तरह गहरा पीला दाग नहीं लगता। यही कारण है कि इसका इस्तेमाल उबटन, फेस पैक और पारंपरिक स्किनकेयर में किया जाता है। इसकी सुगंध भी आम हल्दी की तुलना में ज्यादा सुगंधित होती है।

सफेद हल्दी (White Turmeric / Ban Haldi)

सफेद हल्दी का रंग अंदर से क्रीमी या सफेद होता है। इसका स्वाद हल्का तीखा और अदरक जैसा माना जाता है। कई जगहों पर इसे अचार, हर्बल पेय और पारंपरिक व्यंजनों में डाला जाता है। यह सामान्य पीली हल्दी की तुलना में कम लोकप्रिय है, फिर भी कई इलाकों में इसकी अच्छी-खासी मांग बनी रहती है।

लकाडोंग हल्दी (Lakadong Turmeric)

लकाडोंग हल्दी मेघालय के जयंतिया हिल्स क्षेत्र में उगाई जाती है और इसे दुनिया की बेहतरीन हल्दी किस्मों में गिना जाता है। इसकी सबसे खास बात इसमें मौजूद करक्यूमिन की अधिक मात्रा है, जो सामान्य हल्दी की तुलना में काफी ज्यादा हो सकती है। इसी वजह से यह अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी खूब पसंद की जाती है।

अचारी हल्दी (Aachari Turmeric)

अचारी हल्दी का स्वाद और खुशबू सामान्य हल्दी से अलग होती है। इसका इस्तेमाल खासतौर पर अचार बनाने में होता है। अपनी बनावट और खास फ्लेवर के कारण कई क्षेत्रों में इसे मसाले के रूप में अलग पहचान मिली हुई है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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