बिहार
एक घंटा पहले
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पटना के फतुहा इलाके से एक बेहद ही हैरान कर देने वाला वाकया सामने आया है। यहां पुलिस ने एक ऐसे सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश किया है, जिसके बारे में जानकर हर कोई दंग रह गया है। दरअसल, जिस बच्चे की हत्या कर उसका शव गायब कर देने का मामला आज से करीब आठ साल पहले थाने में दर्ज कराया गया था, वह बच्चा अब न सिर्फ जिंदा मिला है बल्कि पूरी तरह सकुशल भी है। पुलिस ने इस कथित मृतक युवक को उसी के घर से बरामद कर लिया है, जिससे इस आठ साल पुराने मर्डर मिस्ट्री का चौंकाने वाला सच सबके सामने आ गया है।
वर्ष 2018 में दर्ज कराया गया था हत्या का मुकदमा
यह पूरा मामला साल 2018 का है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, नालंदा जिले के रहुई थाना क्षेत्र के रहने वाले शिवजी मांझी के बेटे कृष्णा उर्फ किस्मत मांझी के लापता होने और उसकी हत्या किए जाने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस मामले में प्राथमिकी कृष्णा के सगे चाचा राकेश मांझी द्वारा फतुहा थाने में दर्ज कराई गई थी। पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज इस FIR का कांड संख्या 182/18 है। इस मामले के दर्ज होने के बाद से ही पुलिस लगातार जांच में जुटी हुई थी, लेकिन तब किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि जिस बच्चे को मरा हुआ मान लिया गया है, वह असल में जिंदा है।
ईंट भट्ठे पर हत्या की रची गई थी कहानी
दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, नयका रोड पर स्थित एक ईंट भट्ठे पर काम करने के दौरान कृष्णा की बेरहमी से हत्या कर दी गई और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसके शव को कहीं गायब कर दिया गया। जब यह वारदात होना बताया गया था, उस वक्त कथित मृतक कृष्णा की उम्र महज 10 साल थी। पुलिस इस मामले को हत्या का गंभीर केस मानकर तफ्तीश कर रही थी। हालांकि, करीब आठ साल की लंबी छानबीन के बाद जो असलियत सामने आई, उसने पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए।
मेरठ से लेकर असम तक का सफर
पुलिस की गहराई से की गई जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि कृष्णा उर्फ किस्मत मांझी जीवित है और वह पूरी तरह सुरक्षित है। जांच के दौरान पता चला कि हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के बाद परिजनों ने ही उसे चुपचाप उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में उसकी बुआ के पास भेज दिया था। कृष्णा केवल मेरठ तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके बाद वह चंडीगढ़ गया और फिर वहां से असम के सिलचर में भी काफी समय तक रहा। हाल ही में पुलिस को खुफिया जानकारी मिली कि कथित रूप से मृत घोषित किया जा चुका कृष्णा अपने गांव वापस आया है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए फतुहा पुलिस ने रहुई स्थित उसके घर पर छापा मारा और उसे जिंदा बरामद कर लिया।
सच्चाई का पता लगाने में जुटी पुलिस टीम
इस पूरे सनसनीखेज मामले का खुलासा फतुहा के थानाध्यक्ष श्रीमंत कुमार सुमन के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम द्वारा किया गया है। फतुहा के SDPO-1 अवधेश कुमार ने भी मीडिया के सामने इस पूरे मामले और युवक की सकुशल बरामदगी की पुष्टि की है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किन परिस्थितियों और किस मकसद से मासूम बच्चे की हत्या की यह झूठी कहानी रची गई थी। इस साजिश के पीछे परिजनों की क्या भूमिका थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे, पुलिस इसकी बारीकी से पड़ताल कर रही है। पुलिस द्वारा जिंदा मिले युवक कृष्णा के परिजनों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे षड्यंत्र का सच सामने आ सके।
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