बच्चों के लिए मैगी नहीं, घर पर बनाएं आटे के हेल्दी नूडल्स, जानें आसान रेसिपी जीवनशैली एक महीने पहले 27
बच्चे मैगी और इंस्टेंट नूडल्स बड़े चाव से खाते हैं, मगर ये सेहत के लिहाज से ठीक नहीं माने जाते। घर पर गेहूं के आटे और ताजी सब्जियों से बने नूडल्स बच्चों को स्वाद और पोषण दोनों देने का बेहतरीन विकल्प हैं।

आजकल ज्यादातर बच्चे मैगी और इंस्टेंट नूडल्स बेहद पसंद करते हैं, लेकिन इन चीजों में अक्सर मैदा, ज्यादा नमक और प्रिजर्वेटिव भरे होते हैं, जो सेहत के लिए अच्छे नहीं माने जाते। अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा स्वादिष्ट खाने के साथ-साथ सेहतमंद भी रहे, तो घर पर आटे से तैयार किए गए नूडल्स एक शानदार विकल्प साबित हो सकते हैं। इन्हें कम तेल और ताजी सब्जियों के साथ बनाकर आप बच्चों को स्वाद और पोषण दोनों दे सकते हैं।

मैदे की जगह गेहूं का आटा क्यों बेहतर

घर पर बने नूडल्स की सबसे खास बात यह है कि इनमें आप मैदे के बजाय गेहूं का आटा इस्तेमाल कर सकते हैं। गेहूं का आटा फाइबर से भरपूर होता है, जो बच्चों के पाचन को बेहतर बनाता है। चाहें तो इसमें थोड़ा-सा मल्टीग्रेन आटा या बेसन मिलाकर इसका पोषण और बढ़ाया जा सकता है।

आटा गूंधने और नूडल्स बनाने का तरीका

सबसे पहले गेहूं के आटे में थोड़ा नमक, हल्का-सा तेल और पानी डालकर नरम आटा गूंध लें और इसे कुछ देर ढककर रख दें। इसके बाद आटे को पतला बेलकर स्ट्रिप्स में काट लें, ताकि नूडल्स का शेप तैयार हो जाए। फिर इन्हें हल्का उबाल लें, जिससे ये नरम तो हो जाएं लेकिन टूटें नहीं।

सब्जियों से बढ़ाएं स्वाद और पोषण

नूडल्स को और ज्यादा हेल्दी बनाने के लिए इनमें ताजी सब्जियां जरूर शामिल करें। गाजर, बीन्स, मटर, शिमला मिर्च और प्याज जैसी सब्जियां बच्चों के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं। ये विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होती हैं और इम्युनिटी को मजबूत बनाती हैं। थोड़ा-सा अदरक और लहसुन डालने से स्वाद और भी निखर जाता है।

कम तेल में बनाएं स्वादिष्ट नूडल्स

पकाते समय बहुत ज्यादा तेल का इस्तेमाल न करें। चाहें तो ऑलिव ऑयल या बहुत थोड़े तेल में सब्जियों को हल्का भून लें और फिर उसमें उबले हुए आटे के नूडल्स डालकर अच्छी तरह मिला लें। ऊपर से हल्का घर का मसाला या थोड़ा सोया सॉस भी डाला जा सकता है।

बच्चों के लिए हेल्दी और टेस्टी विकल्प

आटे से घर पर बने ये नूडल्स बच्चों के लिए एक परफेक्ट स्नैक या हल्के खाने का काम कर सकते हैं। इनमें न तो मैदा होता है और न ही हानिकारक प्रिजर्वेटिव, इसलिए बच्चों को स्वाद के साथ सेहत भी मिलती रहती है। रोजमर्रा की डाइट में इस तरह के छोटे बदलाव बच्चों की सेहत पर बड़ा असर डाल सकते हैं।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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