जीवनशैली
एक घंटा पहले
2
विचारों
आजादी के पहले से बरकरार है मिठास
बिहार के दरभंगा शहर में जलेबी की एक ऐसी दुकान है, जिसकी उम्र लगभग 100 साल हो चुकी है। यह दुकान न केवल शहर की एक पहचान बन चुकी है, बल्कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यह स्थान विशेष आकर्षण का केंद्र भी बन जाता है। आजादी मिलने से पहले से ही यह दुकान लगातार ग्राहकों को अपना स्वाद परोस रही है। आज के आधुनिक दौर में भी दुकान ने अपने पुराने और पारंपरिक स्वाद को पूरी तरह सुरक्षित रखा है, जिसके कारण दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग यहाँ की जलेबी का लुत्फ उठाने आते हैं।
शहर के नाका नंबर 5 पर है मशहूर ठिकाना
यह प्रसिद्ध दुकान दरभंगा शहर के नाका नंबर 5 पर स्थित है। यहाँ की जलेबी की ख्याति केवल दरभंगा जिले तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के जिलों के लोग भी यहाँ के स्वाद के मुरीद हैं। जलेबी खरीदने के लिए मधुबनी, बेगूसराय, खगड़िया, मुजफ्फरपुर, बरौनी और समस्तीपुर जैसे पड़ोसी जिलों से भी बड़ी संख्या में ग्राहक हर साल यहाँ पहुँचते हैं।
स्वाद के पीछे का गुप्त नुस्खा
दुकान के संचालक हरिद्वार नाथ गुप्ता ने बताया कि उनकी जलेबी की लोकप्रियता का सबसे मुख्य कारण इसका अनूठा और शुद्ध स्वाद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे जलेबी तैयार करने के लिए केवल शुद्ध मैदा के घोल का उपयोग करते हैं और इसे पूरी तरह से साफ व ताजे तेल में तला जाता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के हानिकारक केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। यही कारण है कि ग्राहक बरसों से इस दुकान पर भरोसा बनाए हुए हैं और इसके प्राकृतिक स्वाद को पसंद करते हैं।
15 अगस्त को होती है रिकॉर्ड बिक्री
हरिद्वार नाथ गुप्ता के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस का दिन दुकान के लिए सबसे व्यस्त होता है। 15 अगस्त के अवसर पर यहाँ ग्राहकों की भीड़ इतनी अधिक बढ़ जाती है कि उसे संभालना चुनौतीपूर्ण होता है। ग्राहकों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उस दिन करीब पांच कारीगर लगातार जलेबी बनाने में जुटे रहते हैं। इस विशेष दिन पर दुकान से लगभग 150 किलो जलेबी की बिक्री हो जाती है, जो इस दुकान की जबरदस्त लोकप्रियता का प्रमाण है। स्वतंत्रता के इस पर्व पर जलेबी का स्वाद लेने के लिए सुबह से ही लोगों का तांता लग जाता है, जो देर शाम तक जारी रहता है।
Comments
0 comment