आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बदला नाम, डोनाल्ड ट्रंप ने अब इसे दिया 'सुपर इंटेलिजेंस' का नया नाम विश्व एक घंटा पहले 7
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का नाम बदलकर आधिकारिक रूप से सुपर इंटेलिजेंस (SI) कर दिया है। ट्रंप का मानना है कि यह शब्द इस तकनीक की असली क्षमताओं को बेहतर ढंग से दर्शाता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का नया नाम अब 'सुपर इंटेलिजेंस'

पूरी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है और तकनीक के इस दौर में अपनी धाक जमाने के लिए देशों के बीच एक बड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा और चौंकाने वाला निर्णय लेते हुए AI का नामकरण बदल दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अब इसे AI नहीं बल्कि सुपर इंटेलिजेंस यानी SI के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने हाल ही में मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग, गूगल के CEO सुंदर पिचाई और एलन मस्क जैसे दिग्गज टेक नेताओं के साथ मुलाकात की है, जिसमें सुपर इंटेलिजेंस के भविष्य पर विस्तृत चर्चा की गई।

ट्रंप ने जारी किया आधिकारिक कार्यकारी आदेश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संबंध में एक आधिकारिक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर भी किए हैं। इस आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि संघीय सरकार अब 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' और 'AI' जैसे शब्दों का उपयोग नहीं करेगी। आदेश में कहा गया है कि संघीय सरकार के कामकाज में उपयोग की जाने वाली शब्दावली में इस तकनीक की क्रांतिकारी प्रकृति और अमेरिकी नागरिकों के लिए मौजूद असीमित अवसरों की स्पष्ट छाप होनी चाहिए।

प्रशासन की नई नीति के अनुसार, अब सरकारी स्तर पर 'सुपर इंटेलिजेंस' शब्द का उपयोग अनिवार्य होगा। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनका प्रशासन अब कानून के दायरे में रहकर 'एग्जीक्यूटिव ब्रांच' के हर कार्य में केवल SI शब्द को ही मान्यता देगा। आदेश में यह भी कहा गया है कि किसी भी हाल में पुराने शब्दों यानी 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' को अब आधिकारिक मान्यता नहीं दी जाएगी। ट्रंप ने पहले भी उन दावों को सिरे से खारिज किया है जिनमें कहा जा रहा था कि AI का विकास खतरनाक है। ट्रंप के अनुसार, यह कहना पूरी तरह से झूठ है कि रोबोट शहरों पर कब्जा कर लेंगे या मानव जाति को बर्बाद कर देंगे।

क्यों बदला गया तकनीक का नाम?

नाम बदलने के इस फैसले पर डोनाल्ड ट्रंप ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह बदलाव इसलिए किया जा रहा है क्योंकि यह तकनीक 'आर्टिफिशियल' यानी 'कृत्रिम' नहीं है। उनका मानना है कि अब सभी इस बात पर सहमत हैं कि 'सुपर इंटेलिजेंस' ही इस तकनीक की असली पहचान है। ट्रंप के मुताबिक, यह नवाचार अब तक की सबसे महत्वपूर्ण खोज है और इसका प्रभाव इंटरनेट के आगमन से भी कहीं अधिक व्यापक होने वाला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह अमेरिका के लिए विकास की एक बहुत बड़ी दिशा है और इसके माध्यम से देश को बड़ी सफलता हासिल होगी।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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