उपनाम: स्थानीय स्वाद
क्या आपने कभी खाया है मंडुआ मोमोज? विदेश से लौटे युवा ने उत्तराखंड में पेश किया सेहत और स्वाद का अनूठा मेल
देहरादून के सुभाष रतूड़ी ने विदेश की चकाचौंध छोड़ अपनी मिट्टी से जुड़ने का फैसला किया और मंडुआ जैसे पारंपरिक अनाज से बने फास्ट फूड का स्टार्टअप शुरू किया। आज उनका 'मंडुआ किंग' आउटलेट मोमोज से लेकर पिज्जा तक के हेल्दी विकल्पों के लिए चर्चा में है।
भरतपुर के बाजारों में देसी ककड़ी की धूम, बरसात के मौसम में हर कोई है इसका दीवाना
बरसात की शुरुआत के साथ ही भरतपुर में देसी ककड़ी की मांग और आवक दोनों बढ़ गई हैं। अपनी खास कुरकुरेपन और मिठास के कारण यह मौसमी फल स्थानीय लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है।
दरभंगा की 100 साल पुरानी जलेबी की दुकान: 15 अगस्त को बिक जाते हैं 150 किलो, जानिए क्या है स्वाद का राज
दरभंगा में स्थित एक सदी पुरानी जलेबी की दुकान आजादी के दौर से चली आ रही है, जहाँ हर साल स्वतंत्रता दिवस पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ती है। शुद्धता और पारंपरिक स्वाद के चलते यहाँ एक दिन में करीब 150 किलो जलेबी की बिक्री हो जाती है।
समस्तीपुर का मशहूर पेड़ा चौक: 50 साल से बरकरार स्वाद का जादू, हर दुकान पर बिकते हैं 30 किलो पेड़े
बिहार के समस्तीपुर जिले में स्थित पेड़ा चौक अपने खास पेड़े के लिए मशहूर है, जहां 25 से अधिक दुकानों पर रोजाना भारी मात्रा में मिठाई की बिक्री होती है और इसकी ख्याति विदेशों तक पहुंच चुकी है।