ढाबे जैसा जायकेदार दाल का तड़का लगाना चाहते हैं? अपनाएं ये खास टिप्स जीवनशैली 2 महीने पहले 74
घर पर बनी दाल में ढाबे जैसा स्वाद नहीं आ रहा है? तड़का लगाने के दौरान की जाने वाली छोटी-छोटी गलतियों को सुधारकर आप अपनी दाल का स्वाद दोगुना कर सकते हैं।

तड़के से बदलेगा दाल का स्वाद

भारतीय रसोई में दाल सबसे आम डिश है, लेकिन अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि घर की बनी दाल में वह खास ढाबे या रेस्टोरेंट वाला स्वाद नहीं आता। इसका मुख्य कारण तड़का लगाने की गलत तकनीक हो सकती है। तड़का लगाने में की गई मामूली चूक पूरी मेहनत पर पानी फेर सकती है।

तेल और घी का तापमान

तड़का लगाते समय सबसे बड़ी गलती तेल या घी को बहुत ज्यादा गर्म करना है। यदि तापमान जरूरत से अधिक हो, तो मसाले तुरंत जल सकते हैं। जले हुए जीरे, लहसुन या मिर्च का स्वाद दाल की महक को पूरी तरह बिगाड़ देता है। तड़के को हमेशा मध्यम आंच पर तैयार करना ही सबसे बेहतर विकल्प है।

जीरे और मसालों का सही समय

जीरा तड़के की जान होता है, लेकिन इसे कब डालना है, यह जानना जरूरी है। तेल के गर्म होते ही जीरा डालें और उसे तब तक भूनें जब तक कि वह अच्छी तरह चटक न जाए। इससे जीरे का प्राकृतिक स्वाद बाहर आता है। इसी तरह लहसुन को हल्का सुनहरा होने तक ही भूनें। यदि लहसुन जल गया, तो दाल में कड़वाहट आ जाएगी। लाल मिर्च पाउडर को जलने से बचाने के लिए, कई बार गैस बंद करने के तुरंत बाद इसे डालना एक अच्छा तरीका माना जाता है, जिससे रंग और स्वाद दोनों बरकरार रहते हैं।

दाल को दें दम

तड़का तैयार होने के बाद उसे गर्म दाल में ही डालें। स्वाद को दाल के अंदर तक जाने देने के लिए सबसे महत्वपूर्ण टिप है—तड़का लगाने के बाद दाल के बर्तन को कुछ मिनट के लिए ढक्कन से ढक दें। इससे मसालों की खुशबू दाल में पूरी तरह घुल-मिल जाती है। आप अपनी पसंद के अनुसार घी या तेल का उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि घी दाल को अधिक रिच और बेहतर स्वाद देता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप