छत्तीसगढ़ की पारंपरिक मिठाई पाग खुरमी रोटी: ड्राईफ्रूट्स से भरपूर स्वाद की अनोखी रेसिपी जीवनशैली एक घंटा पहले 2
छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों में पाग खुरमी रोटी का खास स्थान है। यह रेसिपी सूजी, गेहूं के आटे और ढेर सारे ड्राईफ्रूट्स के साथ तैयार की जाती है, जो इसे स्वाद और पोषण से भरपूर बनाती है।

छत्तीसगढ़ी संस्कृति और स्वाद का संगम

छत्तीसगढ़ का खानपान अपनी सादगी और समृद्ध स्वाद के लिए जाना जाता है। यहाँ की मिट्टी में रचे-बसे व्यंजन न केवल पेट भरते हैं, बल्कि अपनी पारंपरिक बनाने की कला के लिए भी मशहूर हैं। इन खास व्यंजनों में से एक है पाग खुरमी रोटी। यह मिठाई अपने अनूठे स्वाद और इसमें इस्तेमाल होने वाले पौष्टिक ड्राईफ्रूट्स की वजह से विशेष पहचान रखती है। पाग खुरमी रोटी न केवल स्वादिष्ट होती है, बल्कि यह मेहमानों के स्वागत के लिए भी एक बेहतरीन व्यंजन मानी जाती है। इसमें काजू, बादाम, किशमिश, तिल और मूंगफली के दानों का बेहतरीन तालमेल होता है। घी में भुने हुए ड्राईफ्रूट्स इस रेसिपी में एक शानदार खुशबू और कुरकुरापन जोड़ते हैं, जिसे चखने के बाद कोई भी भूल नहीं पाएगा।

पाग खुरमी रोटी की आवश्यक सामग्री

इस मिठाई को बनाने के लिए मुख्य रूप से सूजी, गेहूं का आटा, घी, शक्कर और विभिन्न प्रकार के ड्राईफ्रूट्स की आवश्यकता होती है। रेसिपी की शुरुआत में काजू, बादाम, किशमिश, तिल और मूंगफली दाने को घी में अच्छी तरह से भूनना होता है। भुनने के बाद इन सभी ड्राईफ्रूट्स को ग्राइंडर की सहायता से बारीक पीस लिया जाता है। यह पीसा हुआ मिश्रण ही पाग खुरमी रोटी की जान है, जिसे बाद में आटे के अंदर फिलिंग के तौर पर भरा जाता है।

मिश्रण तैयार करने की विधि

सबसे पहले एक कड़ाही में घी गर्म किया जाता है और उसमें सूजी तथा गेहूं के आटे को मध्यम आंच पर अच्छी तरह भुना जाता है। जब आटा और सूजी सुनहरी हो जाए, तब इसमें पहले से तैयार करके रखा गया ड्राईफ्रूट्स का मिश्रण मिला दिया जाता है। सभी सामग्रियों को आपस में अच्छी तरह मिलाने के बाद इसे 10 से 15 मिनट के लिए अलग रख दिया जाता है ताकि सारा मिश्रण अच्छी तरह सेट हो जाए और एक सही टेक्सचर प्राप्त हो सके।

शक्कर की चाशनी और फिलिंग

अगले चरण में शक्कर की चाशनी तैयार की जाती है। इस तैयार चाशनी को आटा, सूजी और ड्राईफ्रूट्स के मिश्रण में मिलाया जाता है, जिससे सामग्री में मिठास आ जाती है। इस मिश्रण को अच्छी तरह फेंटकर इसकी लोइयां बनाई जाती हैं। प्रत्येक लोई को चपटा करके उसके भीतर ड्राईफ्रूट्स के मिश्रण को भरा जाता है और फिर इसे रोटी या खुरमी का पारंपरिक आकार दिया जाता है। इस तरह तैयार की गई रोटियां तली जाने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाती हैं।

तलने की सही प्रक्रिया और अंतिम चरण

पाग खुरमी रोटी को कुरकुरा और स्वादिष्ट बनाने के लिए इसे धीमी आंच पर तलना बेहद जरूरी है। इसके लिए एक कड़ाही में पर्याप्त तेल गर्म किया जाता है। जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए, तब तैयार की गई रोटियों को इसमें डाल दिया जाता है। धीमी आंच पर तलने से ये अंदर तक अच्छी तरह पक जाती हैं और इनका बाहरी हिस्सा सुनहरी और कुरकुरा बन जाता है। तलने के बाद, इन्हें बाहर निकाल लिया जाता है।

अंत में, इन तली हुई रोटियों को एक बार फिर शक्कर की चाशनी में डाला जाता है। इस प्रक्रिया से रोटियों के ऊपर शक्कर की एक मीठी और पतली परत जम जाती है। घी, सूजी और मेवों के मेल से बनी यह छत्तीसगढ़ी पाग खुरमी रोटी न केवल पारंपरिक मिठास का अहसास कराती है, बल्कि यह वहां की समृद्ध पाक कला का उत्कृष्ट उदाहरण भी है। इसे गरमागरम परोसने पर इसका स्वाद दोगुना हो जाता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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