छत्तीसगढ़
एक घंटा पहले
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विचारों
छत्तीसगढ़ में खरीफ फसल की बुआई के ठीक समय पर खाद की कमी को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरम हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने रायपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राज्य की विष्णुदेव साय सरकार पर किसानों से किए वादे तोड़ने का आरोप लगाया।
खाद की किल्लत पर श्वेतपत्र की मांग
बैज ने कहा कि इस वक्त प्रदेश के किसानों को खरीफ फसल के लिए खाद की सबसे अधिक आवश्यकता है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सोसायटियों में सन्नाटा पसरा हुआ है। उन्होंने बताया कि इस सीजन के लिए राज्य में कुल 15 लाख 55 हजार मीट्रिक टन खाद की सख्त जरूरत है, मगर अनेक सहकारी सोसायटियों तक अब तक आधा स्टॉक भी नहीं पहुंच सका है।
उन्होंने भाजपा पर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए मांग की कि सरकार इस मुद्दे पर तत्काल ‘श्वेतपत्र’ जारी करे, ताकि राज्य में खाद की असली उपलब्धता और वितरण की सच्चाई जनता के सामने आ सके।
उपचुनाव नतीजों पर कांग्रेस उत्साहित
हाल ही में संपन्न हुए नगरीय निकाय और त्रि-स्तरीय पंचायत उपचुनावों के परिणामों पर खुशी जताते हुए दीपक बैज ने इसे पार्टी की एक बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी करार दिया। आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ढाई सालों में कांग्रेस ने नगर निगम और पंचायत स्तर के इन चुनावों में करीब 500 से अधिक प्रत्याशियों को जीत दिलाई है।
बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की पूरी सरकार, मंत्री और तंत्र इन उपचुनावों को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे थे, इसके बावजूद कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ताओं ने उन्हें धूल चटा दी। उनके अनुसार, इन नतीजों ने साफ कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की जनता ने भाजपा सरकार के ढाई साल के कामकाज को पूरी तरह नकार दिया है। उन्होंने इस जीत का श्रेय सामूहिक नेतृत्व को देते हुए कहा कि सभी प्रमुख कांग्रेसी नेताओं ने एकजुट होकर मेहनत की, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।
बिलासपुर लाठीचार्ज पर भड़के बैज
देशव्यापी नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर बिलासपुर में कांग्रेस और एनएसयूआई की ओर से किए जा रहे प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर दीपक बैज ने केंद्र और राज्य दोनों सरकारों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने पेपर लीक घोटाले के जरिए देश के 25 लाख से ज्यादा होनहार युवाओं के भविष्य को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है।
बैज ने बताया कि इसी के विरोध में जब बिलासपुर में युवा शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, तब पुलिस ने बर्बरता दिखाते हुए एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर दिया। इस दमनकारी रवैये की कड़ी निंदा करते हुए उन्होंने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल उनके पद से बर्खास्त किया जाए, क्योंकि वह देश के छात्रों को न्याय दिलाने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं।
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