1 अक्टूबर से बिना PUCC नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, NCR के पेट्रोल पंपों पर लगेंगे ANPR कैमरे ऑटो 3 महीने पहले 38
NCR के गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और मेरठ में 1 अक्टूबर से 'No PUCC, No Fuel' व्यवस्था लागू होगी, जिसके तहत बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र के किसी भी गाड़ी को ईंधन नहीं मिलेगा।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर के गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और मेरठ में अब वाहन चालकों को ईंधन भरवाने से पहले प्रदूषण प्रमाणपत्र दिखाना जरूरी होगा। आगामी 1 अक्टूबर से इन शहरों में PUCC (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट) के बिना किसी भी गाड़ी में पेट्रोल, डीजल या सीएनजी नहीं भरा जाएगा। इसी तारीख से 'No PUCC, No Fuel' व्यवस्था अमल में लाई जा रही है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में बुधवार को हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में एनसीआर के प्रदूषण पर नियंत्रण और वायु गुणवत्ता में सुधार को लेकर यह निर्देश दिए गए। राज्य सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुख्य सचिव ने बताया कि सरकार का लक्ष्य साल 2026 के दौरान एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण के स्तर को 30 से 35% तक घटाना है।

एनसीआर में 26.19 लाख 'एंड-ऑफ-लाइफ' वाहनों की पहचान

एस.पी. गोयल ने कहा कि इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए वाहन प्रदूषण, औद्योगिक उत्सर्जन, धूल, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (C&D Waste), हरित आवरण को बढ़ाने और पराली प्रबंधन जैसे अहम मोर्चों पर हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है। बयान के मुताबिक, बैठक में अधिकारियों ने मुख्य सचिव को जानकारी दी कि एनसीआर के जिलों में करीब 26.19 लाख ऐसी 'एंड-ऑफ-लाइफ' गाड़ियों की पहचान हुई है, जो इस्तेमाल के लिए तय समयसीमा से पुरानी हो चुकी हैं। इनमें से जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच 37,156 गाड़ियों को 'इस्तेमाल के योग्य नहीं' घोषित किया गया, जबकि 460 गाड़ियों को जब्त किया जा चुका है।

1041 पेट्रोल पंपों पर लगेंगे ANPR कैमरे

बयान के अनुसार, मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि इस साल 1 अक्टूबर से 'No PUCC, No Fuel' व्यवस्था लागू की जाएगी और इसके लिए एनसीआर के 1041 पेट्रोल पंपों पर विशेष ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉगनीशन) कैमरे लगाए जाएंगे। गौरतलब है कि पीयूसीसी एक आधिकारिक दस्तावेज है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि गाड़ी से निकलने वाला धुआं सरकार की ओर से तय पर्यावरणीय मानकों के दायरे में है। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को छोड़कर बाकी सभी तरह की गाड़ियों के लिए यह प्रमाणपत्र अनिवार्य है।

975 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का लक्ष्य

बैठक में बताया गया कि ऑटो सेक्टर में 'नया सफर' योजना के जरिए पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाते हुए बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक गाड़ियों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। बयान के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक परिवहन को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और मेरठ में कुल 975 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का लक्ष्य तय किया गया है। फिलहाल इन शहरों में 100 ई-बसें संचालित हो रही हैं।

सुमित बंसल पाबना के ऑटो एवं बिजनेस रिपोर्टर हैं, जो कार, बाइक और ऑटो उद्योग की खबरें कवर करते हैं। नई गाड़ियों के लॉन्च, फीचर्स, कीमत और ईवी जैसे बदलते रुझानों पर वे विस्तार से लिखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स खरीदारों को सही फैसला लेने में मदद करती हैं।

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