गुरुग्राम बनेगा दुबई से भी आगे! ग्लोबल सिटी में बुर्ज खलीफा को टक्कर देने वाली इमारत की तैयारी व्यापार 3 महीने पहले 40
हरियाणा की ग्लोबल सिटी परियोजना में 620 से 700 मीटर ऊंचा मिक्स्ड-यूज टावर बनाने की योजना है, जिसके लिए HSIIDC ने 6.7 एकड़ जमीन तय की है। यह देश की सबसे ऊंची और बुर्ज खलीफा से भी ऊंची इमारत बन सकती है।

हरियाणा का गुरुग्राम पहले से ही देश के सबसे तेजी से विकसित होते शहरों में गिना जाता है, लेकिन अब इसकी नजर सिर्फ घरेलू नहीं बल्कि विदेशी शहरों को पीछे छोड़ने पर है। राज्य और देश की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शुमार ग्लोबल सिटी में अब कुछ ऐसा गढ़ने की योजना बन रही है जो सीधे तौर पर दुबई के बुर्ज खलीफा को चुनौती देगा। यहां देश और दुनिया की सबसे ऊंची इमारतों में शामिल होने वाली एक गगनचुंबी संरचना खड़ी करने की तैयारी है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, HSIIDC यानी हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने ग्लोबल सिटी प्रोजेक्ट में 620 से 700 मीटर ऊंचे प्रस्तावित मिक्स्ड-यूज टावर के लिए 6.7 एकड़ भूमि चिन्हित की है। यहीं देश की सबसे ऊंची इमारत आकार ले सकती है।

बुर्ज खलीफा से ज्यादा फैली होगी जमीन

इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि टावर के लिए तय की गई जमीन दुबई के उस डाउनटाउन इलाके से कहीं अधिक है, जहां बुर्ज खलीफा बना हुआ है। ऐसे में यह संभावना बनती है कि यह इमारत न सिर्फ भारत की सबसे ऊंची इमारत बने, बल्कि सबसे बड़े क्षेत्र में फैली ऊंची इमारत का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर ले।

अगर 620 से 700 मीटर ऊंचे इस विशाल मिक्स्ड-यूज टावर की योजना धरातल पर उतरती है, तो यह देश की सबसे ऊंची इमारत होने के साथ-साथ दुनिया की सबसे ऊंची गगनचुंबी इमारतों की सूची में जगह बनाकर भारत को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिला सकती है।

सिर्फ ऊंचाई नहीं, सोच का प्रतीक

व्हाइटलैंड कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर स्ट्रेटजी सुदीप भट्ट का कहना है कि ग्लोबल सिटी महज एक रियल एस्टेट परियोजना नहीं, बल्कि हरियाणा और भारत के भविष्य के शहरी विकास की नई सोच का प्रतीक है। उनके मुताबिक प्रस्तावित टावर का मकसद केवल देश की सबसे ऊंची इमारत बनाना नहीं, बल्कि गुरुग्राम को वैश्विक कारोबार, नवाचार और निवेश के एक बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

बेहतर कनेक्टिविटी, विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक सुविधाओं के साथ हम एक ऐसा एकीकृत शहरी इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं, जहां कारोबार, आवास, रोजगार और बेहतर जीवनशैली एक साथ आगे बढ़ सकें। हमें भरोसा है कि यह परियोजना गुरुग्राम को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ ही भारत की आर्थिक प्रगति, निवेश आकर्षण और आधुनिक शहरी विकास के नए मानक गढ़ने में अहम भूमिका निभाएगी।

क्या है ग्लोबल सिटी परियोजना?

ग्लोबल सिटी परियोजना हरियाणा सरकार की प्रमुख शहरी विकास योजनाओं में से एक है, जिसे HSIIDC विकसित कर रही है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी इसे बेहद खास बता चुके हैं। द्वारका एक्सप्रेसवे के पास करीब 1,000 एकड़ क्षेत्र में फैली इस परियोजना को एक आधुनिक बिजनेस, कमर्शियल, रेजिडेंशियल और संस्थागत हब के रूप में विकसित करने की योजना है। इसका मकसद वैश्विक कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और तकनीकी फर्मों को आकर्षित करना है।

परियोजना की जान होगा यह टावर

रिपोर्ट के मुताबिक HSIIDC ने ग्लोबल सिटी के भीतर इस खास टावर के लिए 6.7 एकड़ भूमि निर्धारित की है। इस टावर में व्यावसायिक कार्यालय, होटल, रिटेल स्पेस और आवासीय सुविधाएं हो सकती हैं। राज्य सरकार परियोजना में निवेश खींचने और विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए विभिन्न भूमि पार्सलों की नीलामी की तैयारी भी कर रही है। माना जा रहा है कि यह टावर पूरे प्रोजेक्ट की जान साबित होगा।

बीते दो से तीन साल में हरियाणा सरकार ने दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु के बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स के साथ कई दौर की बातचीत की है। इन चर्चाओं में बाजार की मांग, वैश्विक मानकों और ऐसी प्रतिष्ठित इमारत के विकास की संभावनाओं पर मंथन हुआ। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के शहरी क्षेत्र को खड़ा करने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे का भी आकलन किया गया।

अभी ये है भारत की सबसे ऊंची इमारत

अगर यह टावर अपनी प्रस्तावित 620 से 700 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचता है, तो यह भारत की मौजूदा सबसे ऊंची इमारतों को बहुत पीछे छोड़ देगा। फिलहाल मुंबई की पैलेस रॉयल 320 मीटर की ऊंचाई के साथ देश की सबसे ऊंची इमारत है। वहीं दिल्ली-एनसीआर में नोएडा स्थित साइबरथुम टावर-ए सबसे ऊंची इमारत है, जिसकी ऊंचाई 213.7 मीटर है। गुरुग्राम की सबसे ऊंची पूर्ण इमारत ट्रंप टावर्स दिल्ली एनसीआर है, जो 201.53 मीटर ऊंची है।

इस लिहाज से प्रस्तावित ग्लोबल सिटी टावर गुरुग्राम की मौजूदा सबसे ऊंची इमारत से तीन गुना से भी अधिक ऊंचा होगा और भारत की वर्तमान सबसे ऊंची इमारत की ऊंचाई को लगभग दोगुना कर देगा। बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक बुनियादी ढांचे और बड़े निवेश के बल पर यह परियोजना गुरुग्राम को वैश्विक स्तर के कारोबारी और शहरी केंद्र के रूप में नई पहचान दिला सकती है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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