विश्व
2 दिन पहले
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विचारों
एक तरफ खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच गहराते टकराव से दुनिया के कई देश आर्थिक झटके सह रहे हैं और लोग महंगाई से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनका परिवार जमकर कमाई कर रहा है। हालात ऐसे हैं कि उनके एक फैसले के चलते अमेरिका में भी महंगाई चरम पर है, मगर उन पर इसका कोई असर नहीं दिखता। ट्रंप तो यहां तक कह चुके हैं कि ‘मुझे महंगाई पसंद है’।
रॉयटर्स की हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दोबारा राष्ट्रपति पद संभालने के बाद से अब तक ट्रंप परिवार करीब 2.3 अरब डॉलर यानी लगभग 19 हजार करोड़ रुपये की कमाई कर चुका है। इस रिपोर्ट के सामने आते ही यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि युद्ध के इस माहौल में आखिर परिवार इतनी बड़ी रकम कैसे जुटा रहा है।
युद्ध के बीच कहां से आए अरबों डॉलर
इस समय खाड़ी देशों में अमेरिका और ईरान के बीच भारी गोलाबारी और हवाई हमले जारी हैं। ठीक इसी दौरान आई एक आर्थिक रिपोर्ट ने दुनिया भर के राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। रॉयटर्स की विस्तृत पड़ताल में सामने आया है कि ट्रंप परिवार ने हाल ही में कम से कम 2.3 अरब डॉलर का तगड़ा मुनाफा कमाया है।
आमतौर पर माना जाता है कि युद्ध के समय कोई बड़ा नेता या उसका परिवार हथियारों या तेल के सौदों से पैसा बनाता है, लेकिन इस बार कमाई का जरिया अलग है। यह भारी रकम किसी हथियार से नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया के ‘क्रिप्टोकरेंसी’ बाजार से आई है। और यह बंपर कमाई ठीक उसी वक्त हुई है जब अमेरिका ईरान के साथ एक बड़े सैन्य संकट से जूझ रहा है।
क्रिप्टो के खेल से बढ़ी दौलत
दरअसल जब से डोनाल्ड ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति बने हैं, उनके परिवार ने क्रिप्टोकरेंसी कारोबार में तेजी से पैर पसारे हैं। इस कमाई के कई स्रोत बताए गए हैं।
वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल ($WLFI): यह ट्रंप परिवार का अपना क्रिप्टो वेंचर है। इस कंपनी में परिवार की हिस्सेदारी करीब 60% है और टोकन की बिक्री का लगभग 75% हिस्सा सीधे उनके पास पहुंच रहा है।
मीम कॉइन्स की लहर: बाजार में ट्रंप के नाम पर कई मीम कॉइन्स (जैसे $TRUMP) भी चल रहे हैं, जिनकी ट्रेडिंग से परिवार को बड़ा फायदा हुआ। सत्ता में दोबारा आते ही इन टोकन की मांग और कीमत में अचानक जोरदार उछाल आया, जिसका सीधा लाभ ट्रंप के बेटों और उनके बिजनेस वेंचर्स को मिला।
ट्रंप को मुनाफा, निवेशकों को चोट
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, जहां एक ओर ट्रंप परिवार ने क्रिप्टो बाजार से अरबों रुपये बटोरे, वहीं दूसरी ओर करीब 10 लाख आम निवेशकों को इस सिलसिले में भारी नुकसान उठाना पड़ा।
कई छोटे और मध्यम वर्ग के रिटेल निवेशकों ने अपना पैसा सिर्फ इसलिए इस क्रिप्टो प्रोजेक्ट में लगाया क्योंकि उन्हें भरोसा था कि ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से उन्हें बड़ा फायदा होगा। लेकिन शुरुआती उछाल के बाद इन कॉइन्स की कीमत धड़ाम से गिर गई और आम जनता की गाढ़ी कमाई पूरी तरह डूब गई।
रिपोर्ट के मुताबिक जो टोकन शुरुआत में 0.31 डॉलर का था, वह गिरकर महज 0.05 डॉलर पर आ गया। इससे निवेशकों को कुल मिलाकर करीब 2.3 अरब डॉलर का ही नुकसान हुआ है, यानी जितना ट्रंप परिवार ने कमाया, उतना ही आम जनता ने गंवा दिया।
ईरान युद्ध और ड्रोन का कनेक्शन
अब बात उस ईरान युद्ध की, जिसके दौरान यह सब हो रहा है। भले ही यह 2.3 अरब डॉलर की रकम मुख्य रूप से क्रिप्टो से आई हो, लेकिन ट्रंप परिवार पर सीधे तौर पर युद्ध से भी मुनाफा कमाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप इस समय एक मिलिट्री ड्रोन कंपनी (Powerus) में भारी निवेश कर रहे हैं। यह कंपनी अमेरिकी रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन से करोड़ों डॉलर के नए सरकारी ठेके हासिल करने की होड़ में शामिल है। ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में चीनी ड्रोन्स पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है, जिसके बाद अमेरिकी सेना के लिए नए ड्रोन्स की मांग अचानक तेजी से बढ़ गई है।
राजनीति के जानकार इस बात से बेहद नाराज हैं कि एक तरफ देश युद्ध लड़ रहा है और दूसरी तरफ राष्ट्रपति का परिवार मिलिट्री कॉन्ट्रैक्ट्स के जरिए अपनी संपत्ति को कई गुना बढ़ाने में जुटा है।
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