बांस की इन खास वैरायटी से होगी तगड़ी कमाई, फर्नीचर मार्केट में है भारी डिमांड बिहार एक महीने पहले 26
बिहार के सीतामढ़ी में किसान उमेश यादव ने पिंक, पीले और बेत वाले बांस की खेती से नई राह दिखाई है। कम लागत वाली इन बांस की किस्मों से बना फर्नीचर अपनी चमक और मजबूती के लिए काफी मशहूर हो रहा है।

खेती में नया प्रयोग

बिहार के सीतामढ़ी जिले के रुन्नीसैदपुर में किसान Umesh Yadav ने बांस की विशेष किस्मों की खेती शुरू की है। यहाँ मुख्य रूप से पिंक बांस, पीला बांस और बेत वाले बांस की पैदावार की जा रही है। इन प्रजातियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें गांठें या कांटे बहुत कम होते हैं। इनसे तैयार फर्नीचर इतना चमकदार होता है कि उसे अलग से पॉलिश या रंग लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है।

फर्नीचर कारोबार में डिमांड

विशेषकर बेत वाला बांस फर्नीचर उद्योग के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है। इसकी खासियत यह है कि इसे गर्म पानी में डालकर आसानी से किसी भी आकार में मोड़ा जा सकता है। इसी वजह से इसका उपयोग मुख्य रूप से निम्नलिखित चीजें बनाने में हो रहा है:

  • आकर्षक कुर्सियां
  • सोफा सेट
  • टेबल
  • टोकरा और डालिया जैसी घरेलू सामग्री

कम लागत और खेती का खर्च

लोगों को अक्सर लगता है कि ऐसी किस्मों को उगाना महंगा होगा, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। उमेश यादव के अनुसार, इन बांस की खेती में होने वाला खर्च सामान्य बांस की खेती जैसा ही है। इसके लिए किसी अतिरिक्त बड़े निवेश या बहुत अधिक देखभाल की आवश्यकता नहीं होती है। किसान कम लागत में ही इस कीमती फसल को तैयार कर सकते हैं।

आधुनिक मशीनों की दरकार

वर्तमान में नई तकनीक और मशीनों की कमी के कारण यह काम केवल स्थानीय बाजारों तक ही सीमित है। अभी यह बांस स्थानीय स्तर पर 125 से 150 रुपये प्रति बांस की दर से बिक रहा है। यदि सरकार की मदद से यहां आधुनिक प्रोसेसिंग मशीनें उपलब्ध हो जाएं, तो चीन की तर्ज पर यहाँ विश्वस्तरीय फर्नीचर का निर्माण किया जा सकता है। मशीनों के आने से उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ेगी, जिससे किसानों को बेहतर मुनाफा मिल सकेगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप