खान सर के अलावा पटना के ये 5 शिक्षक भी हैं छात्रों की पहली पसंद, पढ़ने को उमड़ती है भीड़ बिहार 7 घंटे पहले 3
पटना में खान सर के साथ-साथ कई और शिक्षक भी छात्रों के बीच बेहद चर्चित हैं। गुरु रहमान और रौशन आनंद जहां दरोगा व पुलिस भर्ती की तैयारी कराते हैं, वहीं आनंद कुमार और अभयानंद गरीब बच्चों को आईआईटी तक पहुंचाते हैं, जबकि एसके झा रेलवे परीक्षाओं के विशेषज्ञ माने जाते हैं।

बिहार की राजधानी पटना को बरसों से शिक्षा का एक बड़ा केंद्र माना जाता रहा है। इंजीनियरिंग, मेडिकल, एसएससी, रेलवे, बैंकिंग, बीपीएससी और बिहार पुलिस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए यहां हर साल हजारों छात्र पहुंचते हैं। शहर में बड़े-बड़े कोचिंग संस्थान तो हैं ही, पर कुछ शिक्षक ऐसे भी हैं जिनकी लोकप्रियता किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं। इस सूची में खान सर सबसे आगे आते हैं, लेकिन सिर्फ वही नहीं, कई दूसरे शिक्षक भी हैं जिनसे पढ़ने के लिए छात्र बेताब रहते हैं।

गुरु रहमान: बेबाक अंदाज के लिए मशहूर

बिहार पुलिस, दरोगा और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं की बात हो तो गुरु रहमान कोई नया नाम नहीं है। वे अपने बेबाक अंदाज और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बोलने के लिए जाने जाते हैं। परीक्षा में गड़बड़ी, भर्ती प्रक्रिया और विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर वे अक्सर अपनी राय रखते हैं, जिसकी वजह से युवाओं के बीच उनकी गहरी पकड़ है।

गुरु रहमान खुद को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखते, बल्कि छात्रों को परीक्षा की रणनीति, समय प्रबंधन और मानसिक तैयारी के गुर भी सिखाते हैं। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो लाखों बार देखे जाते हैं। बिहार पुलिस की तैयारी करने वाले कई अभ्यर्थी उन्हें अपना पसंदीदा शिक्षक मानते हैं और उनके मार्गदर्शन को अपनी सफलता की बड़ी वजह बताते हैं। वे गरीब बच्चों को मुफ्त में भी पढ़ाते हैं। पहली ट्रांसजेंडर दारोगा भी इनकी ही छात्रा रही हैं।

रौशन आनंद: 'दारोगा फैक्ट्री' के संचालक

पिछले कुछ वर्षों में रौशन आनंद का नाम प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ है। खासकर बिहार के युवाओं पर उनका अच्छा प्रभाव देखा जाता है। उनकी कक्षाओं में पढ़ाने का तरीका इतना सरल और सहज माना जाता है कि कमजोर छात्र भी विषय को आसानी से समझ लेते हैं। उनके कोचिंग संस्थान का नाम 'ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी' है, जिसे छात्र 'दारोगा फैक्ट्री' भी कहते हैं।

रौशन आनंद पढ़ाई को सिर्फ रटने तक सीमित नहीं रखते, बल्कि विषय की बारीकियों को समझाने पर जोर देते हैं। सोशल मीडिया पर भी उनकी मजबूत मौजूदगी है और बड़ी संख्या में छात्र उनके वीडियो देखकर तैयारी करते हैं। यही कारण है कि आज वे पटना के चर्चित शिक्षकों में शुमार हो चुके हैं।

आनंद कुमार: सुपर 30 के जरिए मिली पहचान

आनंद सर यानी आनंद कुमार शिक्षा जगत का ऐसा नाम हैं, जिन्होंने बिहार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उन्होंने सुपर 30 की शुरुआत कर आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को आईआईटी की तैयारी कराने का बीड़ा उठाया। उनकी मेहनत और मार्गदर्शन से सैकड़ों छात्र आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचे हैं।

आनंद कुमार की सफलता की कहानी दुनिया भर में चर्चा का विषय रही है। उन पर आधारित फिल्म 'सुपर 30' भी बनी, जिसने उनके संघर्ष और कामयाबी की दास्तान लोगों तक पहुंचाई। हाल ही में उन्होंने 'सुपर इनफिनिटी' नाम से एक नया प्लेटफॉर्म शुरू किया है।

अभयानंद: गणित के मजबूत जानकार

पूर्व आईपीएस अधिकारी अभयानंद का नाम भी शिक्षा के क्षेत्र में बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने गरीब और प्रतिभाशाली छात्रों को बेहतर अवसर दिलाने के लिए लंबे समय तक काम किया है। गणित विषय पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है और वे छात्रों को मेहनत व अनुशासन का महत्व समझाने के लिए जाने जाते हैं। फिलहाल सुपर 30 नाम से कोचिंग का संचालन अभयानंद ही कर रहे हैं।

अभयानंद ने ऐसे कई छात्रों का मार्गदर्शन किया है, जिन्होंने आगे चलकर इंजीनियरिंग और दूसरी बड़ी परीक्षाओं में सफलता पाई। शिक्षा में उनके योगदान की वजह से आज भी छात्र और अभिभावक उन्हें खूब सम्मान देते हैं।

एसके झा: रेलवे परीक्षाओं के विशेषज्ञ

पटना में प्रतियोगी परीक्षाओं, रेलवे और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के बीच एसके झा का नाम बड़े सम्मान से लिया जाता है। उनकी पढ़ाने की अनोखी शैली ने उन्हें छात्रों के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया है। वर्षों से उनकी कक्षाओं में सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल तक के हजारों विद्यार्थी पढ़ने पहुंचते रहे हैं। रेलवे की शायद ही कोई ऐसी परीक्षा हो जिसकी तैयारी एसके झा न कराते हों और इस क्षेत्र में उन्हें महारत हासिल है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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