बिहार
एक घंटा पहले
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विचारों
बिहार की राजधानी पटना में इन दिनों दो शिक्षकों खान सर और रौशन आनंद के बीच जारी टकराव में अब जन अधिकार पार्टी के प्रमुख और सांसद पप्पू यादव भी शामिल हो गए हैं। उन्होंने दोनों पक्षों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षा से जुड़े लोगों का काम समाज में नफरत फैलाना नहीं, बल्कि संवाद और आपसी सौहार्द का संदेश देना है।
सांसद का कहना है कि जिस तरह दोनों शिक्षकों के समर्थक एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बयानबाजी कर रहे हैं, वह बिहार की शिक्षा संस्कृति के लिए ठीक संकेत नहीं है।
'पैर पकड़ता हूं, नफरत मत फैलाइए'
पप्पू यादव ने भावुक होते हुए कहा, “पैर पकड़ता हूं आपसे, यह सब मत करिए। समाज को मत तोड़िए, नफरत मत फैलाइए। व्यक्ति गलत हो सकता है, लेकिन पूरे समाज या विचारधारा को गलत ठहराना उचित नहीं है।”
हर सफलता में शिक्षकों की भूमिका
सांसद ने कहा कि बिहार के अलग-अलग कोचिंग संस्थानों और शिक्षकों ने लाखों छात्रों का भविष्य संवारा है। आज राज्य के युवा दरोगा, आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर और इंजीनियर बन रहे हैं और इसमें सभी शिक्षकों का योगदान है। इसीलिए किसी एक शिक्षक को बड़ा और दूसरे को छोटा साबित करने की होड़ नहीं लगनी चाहिए।
उन्होंने जोड़ा कि सम्मान किसी कोचिंग के आकार से नहीं, बल्कि उसके तैयार किए गए छात्रों की कामयाबी से तय होता है, और बिहार को अपने हर शिक्षक पर गर्व करना चाहिए।
छात्रा की मौत से ध्यान भटकाने का आरोप
पप्पू यादव ने उस छात्रा की मौत का भी जिक्र किया, जिसे लेकर हाल के दिनों में चर्चा तेज है। उनका कहना था कि समाज को सबसे पहले उस बच्ची के लिए न्याय की मांग करनी चाहिए। उनके मुताबिक, असली मुद्दे से ध्यान हटाकर लोगों को दूसरे विवादों में उलझाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर किसी छात्रा के साथ अन्याय हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रा की मौत जैसे गंभीर मामले को राजनीतिक या व्यक्तिगत विवादों की भेंट नहीं चढ़ने देना चाहिए।
एफआईआर और कार्रवाई की मांग
सांसद ने प्रशासन से मामले की गहन जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि जहां भी लापरवाही या दोष सामने आए, वहां तुरंत एफआईआर दर्ज होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों को निलंबित किया जाना चाहिए। उनके अनुसार इससे समाज में भरोसा बना रहेगा और पीड़ित को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए एक समान होना चाहिए।
एकता और सौहार्द का संदेश
पप्पू यादव ने बिहार के लोगों, छात्रों और शिक्षकों से एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज को जोड़ने का जरिया है, इसलिए शिक्षकों और उनके समर्थकों को ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे समाज में बंटवारा या वैमनस्य पैदा हो। उन्होंने कहा कि बिहार की असली ताकत उसकी प्रतिभा, शिक्षा और सामाजिक एकता में है, जिसे हर हाल में सुरक्षित रखना होगा।
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