बिहार
4 घंटे पहले
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विचारों
जॉर्ज फर्नांडिस और नीतीश कुमार की साझा राजनीतिक ताकत को दर्शाने वाली 1992 की यह संसदीय घटना केवल किसी पुराने सियासी विवाद की याद भर नहीं है। यह उस दौर की राजनीति की भी झलक देती है, जब वैचारिक प्रतिबद्धता और आपसी रिश्तों को सार्वजनिक मंच पर खुलकर निभाया जाता था।
लोकसभा में जब बचाव के लिए खड़े हुए दोनों नेता
राजनीतिक आरोपों की एक कड़ी को लेकर सदन में चल रही बहस के दौरान वी.पी. सिंह के बचाव में जिस तरह जॉर्ज फर्नांडिस और नीतीश कुमार एक साथ खड़े हो गए, वह दृश्य भारतीय संसदीय इतिहास का एक यादगार प्रसंग बन गया।
निष्ठा और दोस्ती की मिसाल
यह वही घटना है, जिसे आज भी राजनीतिक निष्ठा और दोस्ती के एक आदर्श उदाहरण के रूप में याद किया जाता है। उस वक्त दोनों नेताओं का साथ आना यह दिखाता था कि राजनीति में रिश्ते और सिद्धांत किस तरह आपस में जुड़े होते थे।
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