खान सर कोचिंग में तोड़फोड़ पर बिहार सरकार सख्त, कोचिंग संस्थानों के लिए बनेगा 'मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट' बिहार 8 घंटे पहले 4
पटना के खान सर कोचिंग संस्थान में हुई तोड़फोड़ के बाद बिहार सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने जांच, दोषियों पर कार्रवाई और कोचिंग संस्थानों के लिए नई नीति व आचार संहिता लागू करने के संकेत दिए हैं।

बिहार की राजधानी पटना स्थित चर्चित खान सर कोचिंग संस्थान में हुई तोड़फोड़ और उपद्रव की घटना के बाद राज्य सरकार ने सख्त तेवर दिखाए हैं। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस घटना को बेहद दुखद और चिंताजनक करार देते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सरकार जल्द ही कोचिंग संस्थानों के लिए एक नई नीति और मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू करने जा रही है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि पटना में कोचिंग संचालकों के बीच आपसी प्रतिस्पर्धा और एक-दूसरे को नीचा दिखाने की गलत होड़ चल रही है, लेकिन सरकार इस प्रकार की गुंडागर्दी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि इस घटना को लेकर राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।

नियमों के दायरे में आएंगे कोचिंग संस्थान

मिथिलेश तिवारी ने ऐलान किया कि कोचिंग संचालकों की मनमानी पर लगाम कसने के लिए सरकार बहुत जल्द एक नई और कड़ी नीति तैयार करने जा रही है। इस नीति के तहत सभी कोचिंग संस्थानों के लिए एक 'मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट' यानी आचार संहिता बनाई जाएगी, जिसमें यह तय होगा कि कोचिंग किन नियमों के अंतर्गत रहकर संचालित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम आते ही सफल बच्चों को अपने संस्थान का छात्र बताकर उन्हें अपनी ओर खींचने की जो होड़ मची रहती है, उस पर कानूनी रोक लगाई जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि मामले की पूरी जांच चल रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर ऐसी कार्रवाई होगी जो मिसाल बनेगी।

TRE 4 आंदोलन को बताया सरकार को अस्थिर करने की साजिश

शिक्षा मंत्री ने कोचिंग संचालकों पर एक गंभीर और राजनीतिक आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि कई बार यह देखने में आया है कि छात्र आंदोलनों के पीछे कोचिंग संचालकों की मुख्य भूमिका रहती है, जो सरकार के खिलाफ छात्रों को भड़काने का काम करते हैं।

उन्होंने खुलासा करते हुए कहा कि हाल ही में हुए टीआरई-4 (TRE 4) शिक्षक भर्ती आंदोलन के दौरान भी यह साफ नजर आया कि छात्रों की आड़ में सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की गई। मंत्री के अनुसार, सरकार ने ऐसे सभी संदिग्ध कोचिंग संस्थानों और उनके संचालकों की विस्तृत रिपोर्ट और सूची तैयार कर ली है, जिनके खिलाफ जल्द ही बड़ी कार्रवाई होगी।

स्कूल छोड़ कोचिंग में पढ़ाने वाले शिक्षकों पर भी शिकंजा

मिथिलेश तिवारी ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने वाले शिक्षकों को भी कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सरकार के रडार पर ऐसे कई शिक्षक हैं जो सरकारी स्कूलों में बच्चों को ठीक से नहीं पढ़ाते, लेकिन निजी कोचिंग संस्थानों में जाकर खुलेआम ट्यूशन पढ़ा रहे हैं।

मंत्री ने दो टूक कहा कि ऐसे शिक्षकों को चिन्हित कर लिया गया है और उन पर भी जल्द ही बर्खास्तगी जैसी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार अब पूरी सख्ती के मूड में है और कोचिंग सेंटरों को नियमों के कड़े दायरे में लाकर ही रहेगी।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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