पटना के खादी मॉल में दिखा सम्राट चौधरी का सादगी भरा अंदाज, खुद कपड़े चुनकर UPI से किया भुगतान बिहार एक घंटा पहले 4
राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस के मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पटना के खादी मॉल पहुंचे, जहां उन्होंने बुनकरों से बातचीत की और डिजिटल माध्यम से खरीदारी कर एक मिसाल पेश की।

खादी मॉल में मुख्यमंत्री की सादगी

राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस के अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एक बेहद सरल और अनूठा अंदाज पटना के खादी मॉल में देखने को मिला। अपनी व्यस्त दिनचर्या और राजनीतिक बैठकों से समय निकालकर मुख्यमंत्री अचानक खादी मॉल पहुंच गए। यह दौरा केवल एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि उन्होंने मॉल में मौजूद विभिन्न स्टॉल्स पर जाकर खादी के उत्पादों को बहुत करीब से देखा और उनकी गुणवत्ता व डिजाइन के बारे में जानकारी ली।

बुनकरों से सीधी संवाद

मॉल में भ्रमण के दौरान सम्राट चौधरी ने न केवल उत्पादों को परखा, बल्कि वहां मौजूद बुनकरों और कारीगरों के बीच बैठकर उनसे लंबी बातचीत भी की। मुख्यमंत्री ने कारीगरों से उनकी मेहनत, उनकी मासिक आय और बाजार में उन्हें आ रही चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। कारीगरों ने भी मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखीं और अपनी उम्मीदों को साझा किया। मुख्यमंत्री का यह सीधा संवाद वहां मौजूद लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।

डिजिटल पेमेंट का खास अंदाज

खादी के प्रति अपना समर्थन जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने वहां से कई उत्पादों की खरीदारी की। इस दौरान सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने किसी सरकारी प्रोटोकॉल या अधिकारी के माध्यम से भुगतान नहीं करवाया। इसके बजाय उन्होंने अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया और UPI के माध्यम से खुद ही पेमेंट किया। मुख्यमंत्री का यह डिजिटल और आम आदमी जैसा अंदाज वहां मौजूद अन्य ग्राहकों और स्टाफ के बीच काफी चर्चा का विषय रहा।

कैदियों के हुनर की सराहना

मुख्यमंत्री ने मॉल में लगे विशेष स्टॉल पर बेउर केंद्रीय कारा के बंदियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का भी अवलोकन किया। उन्होंने कैदियों द्वारा बनाई गई वस्तुओं की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के प्रयास जेल में बंद लोगों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि इससे कैदी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल का संदेश

अपने संबोधन में सम्राट चौधरी ने राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन उन लाखों कारीगरों के सम्मान का प्रतीक है, जो भारतीय संस्कृति को संजोए हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि खादी सिर्फ एक कपड़ा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की पहचान है।

मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे अधिक से अधिक स्थानीय उत्पादों को अपनाएं। उन्होंने कहा कि यदि हर नागरिक स्थानीय कारीगरों के बनाए सामानों को प्राथमिकता देगा, तो इससे छोटे कारीगरों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने सभी से वोकल फॉर लोकल के संकल्प को सशक्त बनाने और खादी के प्रति जन-जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप