बिहार
एक घंटा पहले
3
विचारों
Rishu Shri से 5 दिनों तक चली पूछताछ
बिहार के चर्चित टेंडर घोटाले में गिरफ्तार कारोबारी Rishu Shri की 5 दिनों की रिमांड अवधि पूरी हो गई है। SVU की तीन अलग-अलग टीमों ने 33 घंटे से अधिक समय तक उससे कड़ी पूछताछ की। हर दिन औसतन 7 से 8 घंटे तक सवाल-जवाब का सिलसिला चला। रिमांड खत्म होने के बाद Rishu Shri को शनिवार रात फिर से बेउर जेल भेज दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, उसने जांच के दौरान बहुत ही सधे हुए अंदाज में जवाब दिए और कई बार सवालों को टालने की कोशिश की।
'बिना लेन-देन कोई काम नहीं होता'
पूछताछ के दौरान जब अधिकारियों ने टेंडर दिलाने और अफसरों की पोस्टिंग में पैसे के खेल को लेकर सवाल दागे, तो Rishu Shri ने विवादित बयान देते हुए कहा कि 'बिना लेन-देन कोई काम नहीं होता'। हालांकि, उसने किसी भी तरह के सीधे भुगतान की बात से इनकार किया और इसे केवल व्यवसाय का एक हिस्सा बताया। उसने जोर देकर कहा कि उसकी कंपनी सरकारी टेंडर पर काम करती थी, इसलिए अधिकारियों से मिलना-जुलना बेहद सामान्य प्रक्रिया थी।
इन विभागों के टेंडरों पर जांच का फोकस
SVU ने इस दौरान ED द्वारा की जा रही जांच के बिंदुओं का भी मिलान किया। पूछताछ का मुख्य केंद्र निम्नलिखित विभागों में हुई कथित गड़बड़ियाँ रहीं:
- जल संसाधन विभाग
- नगर विकास एवं आवास विभाग
- BUDCO
- भवन निर्माण विभाग
- BMSICL
फरार IAS अधिकारियों को नोटिस की तैयारी
SVU अब इस मामले में फरार चल रहे IAS अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। जल्द ही इन अधिकारियों को नोटिस जारी कर पेश होने के लिए कहा जाएगा:
- Sanjiv Hans
- Yogesh Kumar Sagar
- Abhilasha Kumari Sharma
जांच एजेंसी इनसे छापे में मिले दस्तावेजों और Rishu Shri के साथ उनके संबंधों को लेकर सवाल-जवाब करेगी। इसके अलावा, जांच की आंच अन्य सहयोगियों तक भी पहुंच रही है, जिसमें मातृस्वा इंफ्रा के निदेशक Pawan Kumar की तलाश और जेल में बंद अन्य आरोपियों को रिमांड पर लेने की रणनीति शामिल है।
Comments
0 comment