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2 दिन पहले
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बदलाव की शुरुआत
शिक्षा जगत से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की कई सरकारी और सेंट्रल यूनिवर्सिटीज ने अपनी डिग्रियों, मार्कशीट, ऑफिशियल लेटरहेड और कैंपस साइनबोर्ड्स से 'India' शब्द को हटाने का फैसला किया है। अब इन सभी दस्तावेजों पर 'Bharat' लिखा जाएगा। इस बड़े बदलाव की आधिकारिक शुरुआत मध्य प्रदेश के जबलपुर से होने जा रही है।
दीक्षांत समारोह में पहली बार दिखेगा नया स्वरूप
जबलपुर की Rani Durgavati University में इस रविवार को आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह में यह बदलाव धरातल पर नजर आएगा। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वाली राष्ट्रपति Droupadi Murmu खुद नई व्यवस्था के तहत तैयार की गई डिग्रियां छात्रों को सौंपेंगी।
क्या कहना है प्रबंधन का?
Rani Durgavati University के वाइस चांसलर Rajesh Kumar Verma ने इस कदम को देश की गौरवशाली जड़ों से जुड़ने का प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि:
- देश का असली और प्राचीन नाम 'Bharat' है, जबकि 'India' नाम का उपयोग बाद में शुरू हुआ।
- जब ग्लोबल मंच पर G20 Summit के दौरान 'Bharat' नाम का सम्मानजनक उपयोग हो सकता है, तो शिक्षण संस्थानों में भी यही नाम प्रमुख होना चाहिए।
- यूनिवर्सिटी की एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने इस संबंध में विधिवत प्रस्ताव पास किया है।
अन्य राज्यों में भी होगा लागू
यह पहल केवल एक यूनिवर्सिटी तक सीमित नहीं है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की कई अन्य स्टेट और सेंट्रल यूनिवर्सिटीज ने भी इस बदलाव को अपनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आने वाले समय में इन दोनों राज्यों के लाखों स्टूडेंट्स को मिलने वाले प्रमाण पत्र 'Bharat' नाम के साथ ही जारी किए जाएंगे। कैंपस में होने वाले पत्र-व्यवहार से लेकर निमंत्रण कार्डों तक में अब 'India' के स्थान पर 'Bharat' शब्द ही दिखाई देगा।
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