पानीपत: महिला एक्सईएन के बेटे का अपहरण, डेढ़ करोड़ की फिरौती की मांग, 11 घंटे में सकुशल बरामद हरियाणा एक दिन पहले 6
पानीपत में महिला एक्सईएन के 12 वर्षीय बेटे को अगवा कर अपहरणकर्ताओं ने डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती मांगी, मगर हरियाणा पुलिस ने महज 11 घंटे में बच्चे को सुरक्षित छुड़ा लिया और एक महिला समेत तीन आरोपियों को दबोच लिया।

पानीपत में हरियाणा पुलिस ने तेज़ी, सटीक तकनीकी विश्लेषण और कई जिलों के बीच बेहतर तालमेल के दम पर एक बड़ी कामयाबी हासिल की। महिला एक्सईएन के 12 वर्षीय बेटे को अगवा किए जाने के महज 11 घंटे के भीतर पुलिस ने उसे सकुशल बरामद कर लिया। अपहरणकर्ताओं ने जहां परिजनों से डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती मांगी, वहीं पुलिस को उत्तर प्रदेश की दिशा में भटकाने की भी कोशिश की। लेकिन पुलिस की तकनीकी और फील्ड टीमों ने उनकी इस चाल को नाकाम करते हुए रोहतक से आरोपियों तक पहुंचने में सफलता पाई।

इस साहसिक अभियान के दौरान एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस मुठभेड़ में दो बदमाश घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया है। पूरी रात मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद इस मामले पर नज़र बनाए हुए थे और उन तक पल-पल की जानकारी पहुंचाई जा रही थी। जांच की जिम्मेदारी सीआईए-2 को सौंपी गई थी।

डीजीपी ने सराहा पूरा अभियान

हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने इस सफल कार्रवाई के लिए पूरी पुलिस टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बच्चे की सुरक्षित बरामदगी हरियाणा पुलिस की तत्परता, तकनीकी दक्षता, समर्पण और पेशेवर कार्यशैली का बेहतरीन उदाहरण है। उनके मुताबिक, आरोपियों ने परिजनों से डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती मांगते हुए पुलिस को उत्तर प्रदेश की ओर गुमराह करने का प्रयास किया, मगर तकनीकी और फील्ड टीमों ने सूझबूझ तथा बेहतर समन्वय से उनकी असली लोकेशन का पता लगाया और रोहतक क्षेत्र से उन्हें काबू कर लिया।

टीम को एक लाख नकद इनाम

डीजीपी ने बताया कि इस ऑपरेशन में सोनीपत, पानीपत और अन्य जिलों की पुलिस इकाइयों, सीआईए टीमों, तकनीकी शाखा तथा साइबर एवं सर्विलांस टीमों ने मिलकर काम किया। अलग-अलग टीमों के आपसी तालमेल और लगातार की गई कार्रवाई की बदौलत बच्चे को सुरक्षित छुड़ाकर आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली। उन्होंने अभियान में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए ₹1 लाख नकद पुरस्कार और प्रशंसा पत्र देने की घोषणा की।

क्या था पूरा मामला

पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे 12 वर्षीय बालक के अपहरण की सूचना मिली थी। अपहरणकर्ताओं ने परिजनों से डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती की मांग रखी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले की विभिन्न पुलिस टीमों को तुरंत सक्रिय कर दिया गया और जांच की कमान सीआईए-2 को दी गई।

गहन जांच और लगातार प्रयासों के नतीजे में शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे रोहतक क्षेत्र से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस टीम जैसे ही आरोपियों तक पहुंची, बदमाशों ने पुलिस वाहन को टक्कर मारकर भागने की कोशिश की और फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दो आरोपी घायल हो गए, जबकि वाहन में मौजूद उनकी महिला साथी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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