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एक घंटा पहले
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आम को यूं ही फलों का राजा नहीं कहा जाता. गर्मी का मौसम आते ही हर तरफ ठेलों और तराजुओं पर आम की भरमार दिखने लगती है. जैसे-जैसे सीजन आगे बढ़ता है, इसकी एक से बढ़कर एक खास और अनोखी किस्में सामने आती हैं. बाजार में जहां एक सामान्य आम 100 से 500 रुपए किलो तक बिकता है, वहीं एक ऐसी किस्म भी है जिसकी कीमत सुनकर आप हैरान रह जाएंगे.
हम बात कर रहे हैं मियाजाकी (Miyazaki) आम की, जिसे दुनिया का सबसे महंगा आम माना जाता है. इसकी कीमत 2.5 से 3 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच जाती है यानी इतनी रकम में तो आप एक बाइक तक खरीद सकते हैं. अपनी बेमिसाल मिठास, आकर्षक लाल-बैंगनी रंग और बेहतरीन गुणवत्ता के कारण यह किस्म दुनियाभर में मशहूर है. अच्छी खबर यह है कि अब भारत में भी कई किसान और बागवानी के शौकीन इसकी खेती करने लगे हैं. अगर आपके पास थोड़ी जगह या छोटा सा बगीचा है, तो आप भी इसे आसानी से उगा सकते हैं.
सही पौधे का चुनाव सबसे जरूरी
विशेषज्ञों की मानें तो मियाजाकी आम उगाने की शुरुआत किसी भरोसेमंद नर्सरी से ग्राफ्टेड यानी कलमी पौधा खरीदने से होनी चाहिए. स्वस्थ पौधे की ऊंचाई करीब 2 से 4 फीट होनी चाहिए और उसकी जड़ें मजबूत होनी चाहिए. इस किस्म के पौधे की देखभाल भी आम के सामान्य पौधों की तरह ही की जाती है. जड़ों को फैलने के लिए पर्याप्त जगह मिले, इसके लिए बड़ा ग्रो बैग या गमला इस्तेमाल करना जरूरी है.
पौष्टिक मिट्टी कैसे तैयार करें
मियाजाकी आम के लिए तैयार मिट्टी में 9 तरह के मिनरल्स होने चाहिए, जिनमें गोबर, भेड़ की खाद, घर का बना दही और सब्जियों का कचरा शामिल है. पोषक तत्वों से भरपूर यह मिश्रण पौधे को स्वस्थ बनाए रखता है. विशेषज्ञ 50 प्रतिशत घर का बना मिश्रण और 50 प्रतिशत सामान्य मिट्टी मिलाने की सलाह देते हैं.
पौधा लगाने से पहले करीब 3 फीट गहरा और 3 फीट चौड़ा गड्ढा खोदें. इसमें गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट और थोड़ी मात्रा में नीम खली मिलाकर भर दें. इससे पौधे को शुरुआती पोषण भरपूर मिलता है.
धूप और सिंचाई का रखें खास ध्यान
आम के पौधे को, खासकर शुरुआती दिनों में, बेहद सावधानी से लगाना चाहिए. इसे भरपूर धूप की जरूरत होती है, इसलिए बगीचे में ऐसी जगह चुनें जहां कम से कम 6 से 8 घंटे सीधी धूप आती हो. पानी की निकासी की अच्छी व्यवस्था भी जरूरी है, क्योंकि जलभराव होने पर पौधे की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है.
शुरुआती महीने बेहद अहम
पौधा लगाने के बाद के शुरुआती महीनों में नियमित पानी देना बहुत जरूरी है. गर्मियों में सप्ताह में 2 से 3 बार सिंचाई की जा सकती है, जबकि बरसात के मौसम में जरूरत के मुताबिक ही पानी दें. ध्यान रहे, जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचना चाहिए. विशेषज्ञ साल में कम से कम दो बार खाद देने की सलाह देते हैं.
रसायन मुक्त वातावरण बनाएं
मियाजाकी के पौधे पर किसी भी तरह के रासायनिक कीटनाशकों का इस्तेमाल खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि ये पौधे के लिए हानिकारक होते हैं. पौधे को कीड़ों से बचाने के लिए नीम के तेल के मिश्रण का उपयोग किया जा सकता है. यह जैविक तरीका पौधे को स्वस्थ रखता है और रसायनों की जरूरत खत्म कर देता है.
नियमित निरीक्षण और पोषण
फफूंद और कीटों से बचाव के लिए मियाजाकी आम के पौधे का नियमित निरीक्षण करते रहना चाहिए. जैविक कीटनाशकों और नीम तेल का छिड़काव पौधे को स्वस्थ बनाए रखने में मददगार होता है. किसान हर 30 दिन में पौधे को एक खास मिश्रण देते हैं. इस तय शेड्यूल से पौधे को सभी जरूरी पोषक तत्व मिलते रहते हैं, जिससे उसकी बढ़त और फल उत्पादन दोनों बेहतर होते हैं.
फल आने में कितना समय लगता है?
कलमी पौधों में आमतौर पर 3 से 5 वर्षों के भीतर फल आना शुरू हो जाते हैं. उचित देखभाल और अनुकूल मौसम मिलने पर पौधा अच्छी गुणवत्ता वाले फल देता है. कुल मिलाकर, मियाजाकी आम उगाने में सबसे ज्यादा जरूरत धैर्य की होती है.
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