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55 मिनट पहले
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सऊदी अरब ने की कार्रवाई
पाकिस्तान को एक बार फिर अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि को लेकर बड़ी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। सऊदी अरब में 5,500 से अधिक पाकिस्तानी नागरिकों को भीख मांगते हुए पकड़ा गया है, जिसके बाद उन्हें वापस देश भेजने की कार्रवाई की गई है। पाकिस्तान के इंटीरियर मिनिस्ट्री के मंत्री तालाल चौधरी ने संसद में इस बात को स्वीकार किया है कि यह उनके देश के लिए बेहद अपमानजनक स्थिति है।
मंत्री का बड़ा कबूलनामा
संसद में अपनी बात रखते हुए तालाल चौधरी ने कहा कि खाड़ी के मित्र देशों द्वारा उठाए गए ये सवाल पाकिस्तान के लिए गंभीर संकट हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब सऊदी अरब जैसे मित्र देश 5,500 भिखारियों को पकड़कर यह बताते हैं कि ये लोग पाकिस्तान से आए हैं, तो सरकार के पास सफाई देने के लिए कुछ नहीं बचता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी गतिविधियों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो पाकिस्तान की वैश्विक स्थिति और अधिक खराब हो जाएगी। संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने भी पाकिस्तानी नागरिकों द्वारा की जा रही ऐसी गतिविधियों पर कड़ी आपत्ति जताई है।
अर्थव्यवस्था पर मंडराया संकट
पाकिस्तान के लिए यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वहां के लाखों लोग खाड़ी देशों में काम करते हैं और वहां से भेजा गया धन यानी रेमिटेंस देश की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अवैध प्रवासन और भिखारी गिरोहों की समस्या नहीं रुकी, तो पाकिस्तान के अपने सहयोगी देशों के साथ संबंधों में बड़ी दरार आ सकती है, जिसका सीधा असर वहां की बदहाल अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
आतंकवाद और सुरक्षा पर दावा
भिखारियों के मुद्दे के अलावा तालाल चौधरी ने देश की आंतरिक सुरक्षा पर भी बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले एक साल में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने कुल 1,890 आतंकवादियों को ढेर किया है। उन्होंने बताया कि सरकार आतंकवाद के खात्मे को अपनी पहली प्राथमिकता मान रही है और नेशनल एक्शन प्लान के जरिए चारों प्रांतों में सुरक्षा स्थिति को मजबूत करने का काम जारी है। चौधरी के अनुसार, मारे गए आतंकवादियों में बड़ी संख्या अफगान नागरिकों की थी।
नागरिकता और भविष्य की चुनौतियां
पाकिस्तान सरकार ने यह भी बताया कि अब तक 23 देशों के साथ दोहरी नागरिकता के समझौते किए जा चुके हैं और 5 अन्य देशों के साथ इस दिशा में बातचीत चल रही है। हालांकि, मौजूदा आर्थिक तंगी और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार मिल रही किरकिरी के बीच पाकिस्तान के लिए अपनी साख बचाना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान से अपेक्षा की जा रही है कि वह अपने नागरिकों की संदिग्ध गतिविधियों और संगठित भिखारी नेटवर्क पर सख्त कानूनी कार्रवाई करे।
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