खुजदार के ज़ेहरी में पाक सेना की कार्रवाई, दो बालोच नेता उमैर सुमलानी और मीर खलील मोस्यानी मारे गए विश्व 4 घंटे पहले 3
बालोचिस्तान के ज़ेहरी इलाके में पाकिस्तानी सेना की सैन्य कार्रवाई में दो प्रमुख बालोच नेताओं की मौत हो गई और सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया। बालोच नेता मीर यार बलोच ने इस घटना पर तत्काल अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की है।

बालोचिस्तान के खुजदार जिले के ज़ेहरी इलाके में पाकिस्तानी सेना के नए सैन्य अभियान को लेकर बड़ा विवाद पैदा हो गया है। बताया जा रहा है कि सेना ने इस कार्रवाई में लड़ाकू हेलीकॉप्टर, टैंक और बख्तरबंद वाहनों का इस्तेमाल किया। आरोप है कि सुरक्षा बलों ने इलाके के स्कूलों को बड़ी जेलों में तब्दील कर दिया और क्षेत्र के सभी पुरुषों को गिरफ्तार कर लिया।

दो प्रमुख नेताओं की मौत, सैकड़ों गिरफ्तार

एक समाचार चैनल से बातचीत में बालोच नेता मीर यार बलोच ने दावा किया कि बीते दिन ज़ेहरी में पाकिस्तानी सेना ने छापेमारी की, जिसमें सैकड़ों बालोच लोगों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान दो प्रमुख बालोच नेता मारे गए — उमैर सुमलानी, जो हाजी नसीर सुमलानी के बेटे हैं, और मीर खलील मोस्यानी, जो सरदार नसीर अहमद मोस्यानी के बेटे हैं। उनके मुताबिक कई अन्य स्थानीय बालोच नेता अब भी लापता हैं।

प्रतिरोध का ऐतिहासिक केंद्र

खुजदार जिले में स्थित ज़ेहरी इलाका 1960 के दशक से ही बालोच प्रतिरोध का केंद्र रहा है। यहां नवाब नवरोज़ खान, सफर खान और लवांग खान जैसे नेताओं ने आज़ादी की लड़ाई लड़ी थी। मीर यार बलोच ने दावा किया कि पाकिस्तान की सेना बुरी तरह हार रही है और वह बालोच लोगों के हौसले नहीं तोड़ पाएगी।

एक साल में 90,000 से ज्यादा अभियान

बालोच नेता के अनुसार, पिछले साल पाकिस्तानी सेना ने बालोचिस्तान में 90,000 से ज्यादा सैन्य अभियान चलाए, यानी रोज़ाना औसतन 200 से अधिक ऑपरेशन। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी ताकत झोंकने के बावजूद पाकिस्तान बालोचिस्तान की ज़मीन पर कब्ज़ा नहीं कर सका।

मीर यार बलोच ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना अब बालोचिस्तान के स्कूलों को कंसंट्रेशन कैंप और जेल में बदल रही है। उनका दावा है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की मदद से इन स्थानों पर निगरानी व्यवस्था लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि बालोच कैदियों से पाकिस्तान की जेलें भर चुकी हैं, इसलिए स्कूलों का उपयोग किया जा रहा है।

नियंत्रण पर 1,000 अरब रुपये खर्च

बालोचिस्तान में पाकिस्तान द्वारा नियुक्त गवर्नर शेख जाफर खान मांडोखेल ने स्वयं स्वीकार किया कि पाकिस्तान इस क्षेत्र पर काबू पाने के लिए अब तक 1,000 अरब रुपये खर्च कर चुका है, फिर भी उस पर नियंत्रण स्थापित नहीं कर सका है।

अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग

मीर यार बलोच ने दुनिया से अपील की है कि बालोचिस्तान को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता दी जाए। साथ ही उन्होंने मांग की कि पाकिस्तान द्वारा बालोचिस्तान के ट्रिलियन डॉलर के खनिज संसाधनों की लूट को रोका जाए।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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