स्वास्थ्य
2 घंटे पहले
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ओज़ेम्पिक और वजन घटाने का चलन
भारत में अब ओज़ेम्पिक जैसी वजन घटाने वाली दवाओं की कीमतों में 75 फीसदी तक की भारी गिरावट देखने को मिलने वाली है। अभी तक आपने केवल बड़े फिल्मी सितारों या हस्तियों को इन ड्रग्स का सहारा लेकर अपना वजन कम करते हुए देखा होगा, लेकिन अब जब ये दवाएं आम लोगों की पहुंच में आने वाली हैं, तो सवाल उठना लाजिमी है कि क्या कोई भी व्यक्ति इसे खाकर मोटापा घटा सकता है? क्या इसे लेना वाकई सुरक्षित है और इसके पीछे की हकीकत क्या है, इसे लेकर विशेषज्ञों की राय जानना बेहद जरूरी है।
ओज़ेम्पिक आखिर वजन कैसे घटाती है?
रायपुर के वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉक्टर जयेश शर्मा के अनुसार, मूल रूप से इन दवाओं को डायबिटीज के इलाज के लिए तैयार किया गया था। चूँकि मोटापा और डायबिटीज का आपस में बहुत गहरा संबंध है, इसलिए वजन कम होने से डायबिटीज रिवर्सल में भी मदद मिलती है। वैज्ञानिक शोधों में शरीर में पाए जाने वाले एक प्राकृतिक अणु की पहचान की गई है, जिसे GLP1 कहा जाता है। यह दवा शरीर में जाकर तीन प्रमुख काम करती है। सबसे पहले, यह पेट से भोजन को आंतों में जाने की प्रक्रिया को धीमा कर देती है, जिससे व्यक्ति का पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। दूसरा, यह मस्तिष्क के हाइपोथैलेमस हिस्से में मौजूद तृप्ति केंद्र को सक्रिय करती है, जिससे भूख का एहसास कम हो जाता है। तीसरा, यह इंसुलिन की कार्यक्षमता को बढ़ा देती है, जिससे शरीर में शर्करा के फैट में बदलने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
क्या ये दवाएं सेहत के लिए जोखिम भरी हैं?
बहुत से लोग यह गलतफहमी पाल लेते हैं कि वे पूरे दिन जमकर छोले-भटूरे और जलेबी खाएंगे और वजन घटाने के लिए दवा का सहारा ले लेंगे। असल में, यह कोई जादूई गोली नहीं है। हालांकि, यह दवा आपके मन को उन तले-भुने और अनहेल्दी खाद्य पदार्थों से दूर कर देती है। यदि आप फिर भी ज्यादा खाते हैं, तो जी मिचलाना यानी नॉजिया जैसी समस्या होती है, जो इन दवाओं का सबसे सामान्य साइड इफेक्ट है। यदि आप इसे लंबे समय तक लेते हैं, तो यह केवल शरीर की चर्बी ही नहीं घटाती, बल्कि मांसपेशियों का भी नुकसान करती है। बिना नियमित व्यायाम और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के यह दवा आपको अंदर से बेहद कमजोर बना सकती है।
त्वचा पर बुरा असर और ओज़ेम्पिक लुक
अगर आपकी योजना सिर्फ एक या दो महीने के लिए वजन कम करने की है ताकि आप किसी शादी या समारोह में स्लिम दिख सकें, तो सावधान हो जाइए। इस दवा के कारण आपकी त्वचा ढीली पड़ सकती है, क्योंकि यह स्किन के नीचे के फैट को तेजी से खत्म करती है। यदि आप 30 से 40 वर्ष की आयु में इसका उपयोग कर रहे हैं, तो आपका चेहरा एक अजीब से ओज़ेम्पिक लुक में बदल सकता है, जो दिखने में बिल्कुल भी आकर्षक नहीं होता।
दवा छोड़ते ही वजन वापस आने का खतरा
अक्सर लोग सोचते हैं कि एक बार मनचाहा वजन पा लेने के बाद वे इसे छोड़ देंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक आप इन इंजेक्शन या दवाओं का सेवन करेंगे, तभी तक इसका असर दिखता है। यदि आपने इसे छोड़ने के बाद अपनी जीवनशैली, खान-पान और एक्सरसाइज के अनुशासन को नहीं अपनाया, तो आपका वजन पहले से कहीं ज्यादा तेजी से वापस बढ़ सकता है।
डॉक्टर की सलाह अनिवार्य क्यों है?
इन दवाओं के सेवन से जुड़े सबसे गंभीर खतरों में पैंक्रियाटाइटिस जैसी खतरनाक बीमारी होने की आशंका रहती है। हालांकि इसके मामले बहुत कम देखे गए हैं, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यही कारण है कि वजन घटाने का सबसे सुरक्षित तरीका हमेशा डाइट और एक्सरसाइज ही रहता है। जब आप प्राकृतिक तरीकों से परिणाम पाने में पूरी तरह असमर्थ हों, तभी किसी विशेषज्ञ डॉक्टर की देखरेख में इन दवाओं का विचार करना चाहिए। खुद से इनका सेवन करना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है।
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