ओडिशा में डिप्टी स्पीकर के जाली हस्ताक्षर से तबादले का खेल, एक इंजीनियर गिरफ्तार; दूसरी आरोपी फरार भारत 2 दिन पहले 7
ओडिशा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर भवानी शंकर भोई के नाम पर फर्जी सरकारी पत्र तैयार कर कर्मचारियों के तबादले की सिफारिश करने के मामले में पुलिस ने एक सहायक कार्यकारी इंजीनियर को गिरफ्तार किया है, जबकि एक जूनियर इंजीनियर अभी भी फरार है।

डिप्टी स्पीकर के नाम और पद का फर्जी इस्तेमाल

ओडिशा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर भवानी शंकर भोई के नाम पर जाली दस्तावेज तैयार कर सरकारी कर्मचारियों के स्थानांतरण की सिफारिश करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने एक सहायक कार्यकारी इंजीनियर को हिरासत में लिया है। डिप्टी स्पीकर के निजी सचिव द्वारा कैपिटल थाने में दो सहायक कार्यकारी इंजीनियरों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान और फरार जूनियर इंजीनियर

गिरफ्तार आरोपी की पहचान लक्ष्मण हेम्ब्रम के रूप में हुई है, जो क्योंझर जिले के हरिचंदनपुर में सहायक कार्यकारी इंजीनियर के पद पर कार्यरत था। गिरफ्तारी के बाद उसे आगे की पूछताछ के लिए भुवनेश्वर लाया गया। इस प्रकरण में मोनालिसा बेहरा नामक एक अन्य आरोपी की भी संलिप्तता बताई जा रही है, जो क्योंझर जिले के बांसपाल ब्लॉक में जूनियर इंजीनियर के पद पर तैनात है। पुलिस के अनुसार वह अभी तक पकड़ में नहीं आई है और उसे ढूंढने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी

भुवनेश्वर जोन-1 के ACP रमेश चंद्र बिसोई ने जानकारी दी कि लक्ष्मण हेम्ब्रम को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दस्तावेजों की जालसाजी के इस मामले में अन्य संभावित संदिग्धों की भूमिका का भी बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है। आरोपी के विरुद्ध जालसाजी और धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है।

कैसे उजागर हुआ पूरा मामला?

यह प्रकरण तब सार्वजनिक हुआ जब डिप्टी स्पीकर भवानी शंकर भोई के निजी सचिव ने राजधानी के कैपिटल थाने में लिखित शिकायत दी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उपाध्यक्ष के नाम और पद का अनधिकृत रूप से दुरुपयोग किया जा रहा है और उनके नाम से जाली आधिकारिक पत्र जारी किए जा रहे हैं। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि एक नकली लेटरहेड तैयार किया गया था, जिस पर डिप्टी स्पीकर भवानी शंकर भोई के कथित जाली हस्ताक्षर अंकित थे। इसी पत्र का उपयोग सरकारी कर्मचारियों के तबादले की सिफारिश करने में किया जा रहा था।

शिकायत के बाद पुलिस की कार्रवाई

शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और लक्ष्मण हेम्ब्रम की इस षड्यंत्र में भागीदारी सिद्ध होने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अब पुलिस यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज किसने बनाए, उन्हें किन-किन स्थानों पर भेजा गया और इस पूरे खेल में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं। जांच एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि नकली पत्रों के जरिये कितने कर्मचारियों के तबादले प्रभावित हुए और इस जालसाजी से किसे फायदा पहुंचाने का प्रयास किया गया। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में और महत्वपूर्ण तथ्य उजागर होने की संभावना है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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