पेपर लीक के सदमे से टूटी मेडिकल छात्रा आकांक्षा ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- दोबारा NEET देने की हिम्मत नहीं महाराष्ट्र एक घंटा पहले 2
नागपुर में रहकर NEET की तैयारी कर रही मध्य प्रदेश की छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने पेपर लीक की खबर से आहत होकर फांसी लगा ली। उसके सुसाइड नोट और परिवार की हालत ने परीक्षा तंत्र पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

NEET परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के साये ने एक बार फिर देश की एक होनहार बेटी की जान ले ली है। नागपुर में रहकर मेडिकल की तैयारी कर रही मध्य प्रदेश के मऊगंज की छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने फांसी लगाकर अपनी जिंदगी समाप्त कर ली। आकांक्षा को पूरा भरोसा था कि इस बार उसका चयन हो जाएगा, लेकिन पेपर लीक की खबर ने उसे इस कदर तोड़ दिया कि उसने अपना जीवन ही खत्म कर लिया।

किसान परिवार की बेटी, पिता करते थे कुक का काम

आकांक्षा एक गरीब किसान परिवार से ताल्लुक रखती थी। उसके पिता नागपुर में रसोइए (कुक) का काम करके बेटी को डॉक्टर बनाने का सपना संजो रहे थे। बताया जा रहा है कि आकांक्षा का पेपर अच्छा गया था, लेकिन जैसे ही पेपर लीक की खबर सामने आई, यह बच्ची गहरे अवसाद में चली गई। उसने अपने सुसाइड नोट में जो शब्द लिखे, वे देश के परीक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

'फिजिक्स वाला' से कर रही थी तैयारी

नागपुर में रहकर 'फिजिक्स वाला' के जरिए NEET की तैयारी कर रही आकांक्षा चतुर्वेदी अब इस दुनिया में नहीं रही। बीते 20 मई 2026 को उसने अपने ही कमरे में पंखे से फंदा बनाकर जान दे दी। मूल रूप से मऊगंज जिले के मगनिया गांव का यह गरीब परिवार पिछले कुछ समय से नागपुर में रह रहा था। पिता कृष्ण कुमार चौबे पेशे से किसान हैं, लेकिन बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए नागपुर में खाना बनाने का काम कर रहे थे।

परिजनों ने क्या बताया

माता-पिता के अनुसार, NEET का पेपर देने के बाद आकांक्षा बेहद खुश थी। उसे यकीन था कि इस बार उसका चयन तय है और वह डॉक्टर बन जाएगी। मगर जैसे ही NEET पेपर लीक की खबर देश के सामने आई, आकांक्षा गहरे सदमे और अवसाद में चली गई। उसने खाना-पीना छोड़ दिया और आखिरकार मौत को गले लगा लिया। उसके पीछे छूटे सुसाइड नोट ने व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया है।

सुसाइड नोट में लिखा अंतिम संदेश

"मम्मी-पापा, आपको भरोसा था कि मेरी बेटी पढ़ लेगी और डॉक्टर बनेगी, पर दोबारा नीट का पेपर देने की हिम्मत नहीं है मेरे अंदर। पहले नीट के पेपर में अच्छे मार्क्स आ रहे थे मेरे, लेकिन अब दोबारा पेपर अच्छा आए इसकी कोई गारंटी नहीं है। सॉरी मम्मी पापा, मैंने सब बर्बाद कर दिया आप दोनों का।"

किसान क्रेडिट कार्ड से लिया था कर्ज

बेटी की पढ़ाई के लिए इस गरीब परिवार ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से 3 लाख रुपए का कर्ज लिया था और रिश्तेदारों से भी उधार जुटाया था। इस दर्दनाक घटना के बाद विपक्ष भी सरकार पर हमलावर हो गया है। बीते शाम युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार से फोन पर परिजनों की बात कराई।

इस घटना के बाद सियासत भी गरमा गई है। NEET छात्रा की इस आत्महत्या को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक ट्वीट के जरिए सरकार पर निशाना साधा है।

NSUI ने किया कर्ज चुकाने का वादा

एनएसयूआई (NSUI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, पूर्व विधायक विपिन वानखेड़े और प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे समेत कई नेता आकांक्षा के घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। एनएसयूआई की ओर से पीड़ित परिवार को ढाई लाख रुपये की तत्काल आर्थिक मदद दी गई है, साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड के 3 लाख रुपये के कर्ज को चुकाने का वादा भी किया गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने भी फोन पर बात कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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