बिहार
एक घंटा पहले
1
विचारों
आम के शौकीनों के लिए मुजफ्फरपुर से एक सुखद खबर है। भागलपुर का प्रसिद्ध और जीआई टैग वाला जर्दालू आम अब इस शहर में भी आसानी से मिलने लगा है। बिहार राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अधीन चलने वाले मुजफ्फरपुर खादी मॉल में इस खास आम की बिक्री शुरू कर दी गई है। खास बात यह है कि इसकी लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए कई ग्राहक अभी से एडवांस बुकिंग कराने में जुट गए हैं।
आकर्षक पैकेजिंग में उपलब्ध
खादी मॉल के सेल काउंटर पर जर्दालू आम को आकर्षक पैकेजिंग के साथ बिक्री के लिए सजाया गया है। इसके साथ ही ग्राहकों के लिए दूधिया मालदा आम भी यहां मौजूद है। जर्दालू आम अपनी खास खुशबू, पतले छिलके और प्राकृतिक मिठास की वजह से पूरे देश में जाना जाता है। यही कारण है कि हर वर्ष इसकी मांग बहुत अधिक रहती है।
साल 2018 में मिला था जीआई टैग
मुजफ्फरपुर खादी मॉल के आईएमएस एक्सपर्ट ऋषिकांत रंजन ने बताया कि जर्दालू आम को वर्ष 2018 में जीआई (जियोग्राफिकल इंडिकेशन) टैग प्रदान किया गया था। जीआई टैग किसी उत्पाद की विशेष भौगोलिक पहचान और उसकी गुणवत्ता का प्रमाण माना जाता है।
उन्होंने बताया कि भागलपुर की मिट्टी और वहां की जलवायु में पैदा होने वाला यह आम अपनी अनोखी सुगंध और स्वाद के चलते बाकी आमों से अलग पहचान बनाता है।
जरूरत के मुताबिक बुकिंग की सुविधा
ऋषिकांत रंजन के अनुसार, ग्राहकों की सहूलियत के लिए खादी मॉल में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से खरीदारी का इंतजाम किया गया है। जो लोग बड़ी मात्रा में आम खरीदना चाहते हैं, उनके लिए एडवांस बुकिंग का विकल्प भी मौजूद है। ग्राहक अग्रिम भुगतान करके अपनी आवश्यकता के अनुसार जर्दालू आम बुक करा सकते हैं।
लोगों में दिख रहा उत्साह
खादी मॉल में जर्दालू आम पहुंचने के बाद से स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। कई ग्राहक इसकी खास खुशबू और स्वाद की ओर आकर्षित होकर खरीदारी कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग अपने रिश्तेदारों और दोस्तों तक भेजने के लिए भी इसे खरीद रहे हैं।
स्थानीय लोगों के लिए सुनहरा मौका
मुजफ्फरपुर के लोगों के लिए यह एक बेहतरीन अवसर है, क्योंकि अब भागलपुर के मशहूर जर्दालू आम का स्वाद चखने के लिए उन्हें वहां तक जाने की जरूरत नहीं रहेगी। खादी मॉल में यह खास आम सहजता से उपलब्ध है और इसकी बिक्री निरंतर जारी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इसकी मांग में और बढ़ोतरी हो सकती है।
Comments
0 comment