बिहार
2 घंटे पहले
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विचारों
सपनों को सच करने की दास्तान
बिहार पुलिस के एक सिपाही ने अपनी मेहनत और जज्बे से एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुंगेर डीआईजी कार्यालय में तैनात सिपाही अमृत कुमार ने अपनी व्यस्त ड्यूटी के बीच पढ़ाई जारी रखी और 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता का परचम लहराया है। उन्होंने ओबीसी श्रेणी में 350वीं रैंक प्राप्त कर अपने विभाग और परिवार का मान बढ़ाया है।
किसान परिवार से निकलकर सफलता तक
सहरसा जिले के कहरा प्रखंड के बरियाही गांव के रहने वाले अमृत कुमार एक सामान्य किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता सुरेंद्र प्रसाद यादव ने तंगहाली के बावजूद उनकी शिक्षा को प्राथमिकता दी। अमृत कुमार वर्ष 2013 में बिहार पुलिस में सिपाही के रूप में भर्ती हुए थे। उन्होंने गया और शेखपुरा जैसे जिलों में अपनी सेवाएं देने के बाद वर्तमान में मुंगेर में डीआईजी कार्यालय की गोपनीय शाखा में कार्यभार संभाला है।
पत्नी और परिवार का मिला साथ
अपनी सफलता का श्रेय अमृत कुमार ने अपनी पत्नी को दिया है, जो खुद भी बिहार पुलिस में सिपाही हैं। उन्होंने बताया कि घर और तीन बच्चों की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ उनकी पत्नी ने उन्हें पढ़ाई के लिए पूरा सहयोग और समय दिया। अमृत ने कहा कि ड्यूटी की थकान के बाद भी उनका लक्ष्य स्पष्ट था, जिसकी वजह से वे निरंतरता बनाए रख सके।
अधिकारियों ने सराहा
मुंगेर रेंज के डीआईजी राकेश कुमार ने अमृत कुमार की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग के लिए यह गर्व की बात है कि एक सिपाही ने नौकरी के साथ स्व-अध्ययन के जरिए इतनी बड़ी परीक्षा उत्तीर्ण की है। यह उन तमाम युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो नौकरी के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। अमृत की कहानी सिखाती है कि अनुशासन और कठिन परिश्रम से किसी भी कठिन परिस्थिति में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
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