अब चुटकियों में होगा भारत से नेपाल और नेपाल से भारत पैसों का लेन-देन, UPI आधारित ट्रांसफर सिस्टम शुरू फायदे की खबर एक महीने पहले 20
भारत और नेपाल ने 6 जून को P2P क्रॉस-बॉर्डर मनी रेमिटेंस व्यवस्था शुरू की है, जिससे दोनों देशों के लोग मोबाइल ऐप और डिजिटल वॉलेट के जरिए तत्काल पैसा भेज-पा सकेंगे। वित्त मंत्रालय के अनुसार यह सुविधा भारत के UPI और नेपाल के NPI को आपस में जोड़ती है।

भारत और नेपाल ने सीमा-पार धन हस्तांतरण को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए UPI आधारित मनी ट्रांसफर सिस्टम की शुरुआत कर दी है। सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों, कारोबारियों और यात्रियों के लिए भुगतान तथा पैसे के लेन-देन को सरल बनाने के मकसद से दोनों देशों ने 6 जून को P2P (दो इकाइयों के बीच) क्रॉस-बॉर्डर धन प्रेषण (Money Remittance) व्यवस्था लागू की। वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को इस बारे में जानकारी साझा की।

मोबाइल ऐप और डिजिटल वॉलेट से तुरंत भेजा जा सकेगा पैसा

यह नई प्रणाली भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और नेपाल के नेशनल पेमेंट्स इंटरफेस (NPI) के बीच सीधा संपर्क कायम करती है। इसके चलते दोनों देशों के नागरिक अपने मोबाइल बैंकिंग ऐप और डिजिटल वॉलेट के माध्यम से सीधे और तत्काल रकम एक-दूसरे को भेज सकेंगे।

पुराने सामाजिक और आर्थिक रिश्तों को मिलेगी मजबूती

वित्त मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि UPI-NPI का यह जुड़ाव वित्तीय समावेशन की दिशा में एक अहम प्रगति है, जो भारत और नेपाल के बीच मजबूत आर्थिक एवं डिजिटल संबंधों को आगे बढ़ाएगा। मंत्रालय के अनुसार यह व्यवस्था न केवल सुविधाजनक है, बल्कि सुरक्षित और किफायती सीमा-पार भुगतान के क्षेत्रीय लक्ष्यों के पूरी तरह अनुरूप भी है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि यह नया तंत्र दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सामाजिक और आर्थिक रिश्तों को और प्रगाढ़ करने में सहायक होगा।

NPCI और NCHL के सहयोग से तैयार हुई सुविधा

इस तकनीकी एकीकरण को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की अंतरराष्ट्रीय इकाई 'एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड' (NIPL) और नेपाल क्लियरिंग हाउस लिमिटेड (NCHL) के बीच आपसी सहयोग से अमल में लाया गया है। मंत्रालय ने आगे बताया कि यह पहल वित्तीय समावेशन को सशक्त करती है, डिजिटल तथा आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देती है और दोनों देशों के यात्रियों एवं व्यवसायों के लिए सहूलियत बढ़ाती है।

भारत में बड़े पैमाने पर होता है UPI का उपयोग

गौरतलब है कि भारत में डिजिटल तरीके से पैसा भेजने के लिए सबसे अधिक लोग UPI का ही सहारा लेते हैं। UPI के जरिए केवल पैसा भेजना और भुगतान करना ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी के कई जरूरी काम भी निपटाए जा सकते हैं। मोबाइल रिचार्ज, डीटीएच रिचार्ज, बिल पेमेंट और फास्टैग रिचार्ज जैसे तमाम भुगतान UPI के माध्यम से किए जा सकते हैं।

मनीष अग्रवाल पाबना के मार्केट्स संवाददाता हैं और शेयर बाजार, आईपीओ तथा निवेश के रुझानों पर रिपोर्टिंग करते हैं। सेंसेक्स-निफ्टी की चाल, कंपनियों के नतीजों और निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी को वे सहज भाषा में समझाते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि छोटे निवेशक भी बाजार को बेहतर समझ सकें।

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