Rayagada में NGO कर्मियों के साथ बर्बरता, बच्चा चोर के शक में भीड़ ने की मारपीट, 16 गिरफ्तार भारत एक महीने पहले 22
ओडिशा के Rayagada में रास्ता भटकने पर NGO कर्मियों को बच्चा चोर समझकर भीड़ ने निशाना बनाया और युवती के साथ बदसलूकी की।

घटना की जानकारी

ओडिशा के Rayagada जिले में एक डरावनी घटना सामने आई है, जहां बच्चा चोर होने के शक में एक महिला और पुरुष NGO कर्मी को ग्रामीणों की उग्र भीड़ ने बुरी तरह पीटा। यह मामला 16 जून को कल्याणसिंहपुर ब्लॉक के इंटालीगुड़ा गांव का है। पीड़ित दोनों कर्मी कंधमाल जिले के एक NGO से जुड़े हैं और कालाहांडी के थुआमूल रामपुर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि Google Maps के गलत निर्देश के कारण वे रास्ता भटककर वहां पहुंच गए थे। गांव में बच्चों को बिस्कुट बांटने के दौरान उनकी भाषा को लेकर ग्रामीणों को संदेह हुआ और वे अफवाह का शिकार हो गए।

पहचान पत्र का नहीं हुआ असर

पीड़ितों ने भीड़ को अपने पहचान पत्र दिखाए और खुद के NGO कर्मचारी होने की पुष्टि की, लेकिन भीड़ ने एक नहीं सुनी। हमला इतना भयानक था कि महिला के साथ न केवल मारपीट की गई, बल्कि उनके कपड़े फाड़ने की भी कोशिश की गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में भीड़ की क्रूरता साफ देखी जा सकती है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को बचाकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा।

महिला ने बयां की आपबीती

पीड़ित महिला ने बताया कि उन्होंने बार-बार अपनी पहचान साबित करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं मानी। उनके बाल खींचे गए और उन्हें बुरी तरह पीटा गया। महिला ने यह भी बताया कि भीड़ में कुछ लोग उन्हें बचाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन गुस्साए ग्रामीणों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि स्थिति हाथ से निकल गई।

पुलिस की कार्रवाई

इस मामले में पुलिस ने अब तक कुल 16 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक Raj Prasad ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस वीडियो फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान कर रही है। पुलिस अधीक्षक ने स्वयं अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों का हाल जाना और जांच की निगरानी कर रहे हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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