किसानों के लिए वरदान बनी मनरेगा बागवानी योजना, सरकार दे रही है ढाई लाख रुपये तक की मदद बिहार 4 घंटे पहले 7
मनरेगा बागवानी योजना के तहत किसान अपनी निजी खाली जमीन पर फलदार पौधे लगाकर बेहतर कमाई कर सकते हैं, जिसके लिए सरकार तीन साल में ढाई लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दे रही है।

खेती-किसानी को बढ़ावा देने और किसानों की आय को बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य किसानों को आर्थिक सहायता और सब्सिडी प्रदान करके आत्मनिर्भर बनाना है। इसी दिशा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम यानी मनरेगा के तहत चलाई जा रही बागवानी योजना किसानों के लिए एक बेहतरीन अवसर बनकर उभरी है। इस योजना के माध्यम से किसान अपनी निजी भूमि पर फलदार पौधे लगाकर अपनी आमदनी में सुधार कर सकते हैं।

योजना के तहत मिलने वाले लाभ और सुविधाएं

मनरेगा बागवानी योजना के अंतर्गत किसानों को अपनी खाली पड़ी या कम उपयोग होने वाली जमीन पर फलदार पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इस योजना की प्रमुख बातें निम्नलिखित हैं:

  • इस योजना के तहत किसान अपनी निजी जमीन पर आम, नींबू और अमरूद समेत कई तरह के फलदार पौधे लगा सकते हैं।
  • योजना के अंतर्गत किसानों को तीन वर्षों की अवधि में लगभग 2 लाख रुपये से लेकर 2.5 लाख रुपये या उससे अधिक की सरकारी सहायता दी जाती है।
  • यह योजना उन किसानों के लिए बेहद उपयोगी है जिनके पास खाली जमीन है और वे उसका सही इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।

खाली जमीन का होगा बेहतर उपयोग

अक्सर देखा जाता है कि किसानों के पास कुछ ऐसी जमीन होती है जिसका वे नियमित खेती में इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं। ऐसी कम इस्तेमाल होने वाली या खाली पड़ी जमीन पर मनरेगा बागवानी योजना का लाभ लिया जा सकता है। सरकार द्वारा दी जाने वाली वित्तीय मदद से किसान पौधों की देखरेख, खाद और सिंचाई की व्यवस्था सुचारू रूप से कर सकते हैं, जिससे भविष्य में फल बेचकर अच्छी कमाई की जा सकती है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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